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हिजाब विवाद में BJP विधायक की एंट्री, मैथिली बोलीं- हर कोई वीडियो को अपने नजरिये से देखता है

By Ajit kumarEdited By: Ajit kumar
Published: Fri, 19 Dec 2025 06:16 PM (IST)

बिहार में हिजाब विवाद पर भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोग वीडियो को अपने ...और पढ़ें

भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर। (फोटो- पीटीआई)

भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर। (फोटो- पीटीआई)

डिजिटल डेस्क, दरभंगा। Hijab Controversy Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। वीडियो में एक मुस्लिम महिला के हिजाब को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों के साथ-साथ कई धार्मिक संगठनों ने इस घटना पर आपत्ति जताई है।

इस पूरे मामले पर भाजपा नेता और दरभंगा के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मैथिली ठाकुर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। राजधानी पटना में एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो भी कहेंगे, वही सबसे अधिक स्पष्ट और प्रामाणिक होगा। 

अपने विचारों के अनुसार अर्थ निकालते 

मैथिली ठाकुर ने कहा कि आज के दौर में लोग मोबाइल पर वीडियो देखते हैं और अपने-अपने विचारों के अनुसार उसका अर्थ निकालते हैं। जो जैसा सोचता है, वह वैसा ही समझता है। इसी वजह से वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहतीं।

सत्ता पक्ष ने बताया गलत संदर्भ

वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस पूरे प्रकरण को गलत संदर्भ में पेश किए जाने का दावा किया गया है। सरकार से जुड़े नेताओं का कहना है कि वीडियो को तोड़-मरोड़कर दिखाया जा रहा है और एक सामान्य मानवीय भाव को विवाद का रूप दे दिया गया है।

सत्ता पक्ष का तर्क है कि इसे पिता-पुत्री के स्नेह जैसी भावना से जोड़कर देखा जाना चाहिए, न कि किसी धार्मिक या राजनीतिक मुद्दे के रूप में। हालांकि, इस दलील के बावजूद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है।

क्या है पूरा मामला

मामला 15 दिसंबर 2025 का है, जब पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयुष (AYUSH) विभाग के नवनियुक्त डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया।

नियुक्ति पत्र लेने मंच पर पहुंची नवनियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने चेहरे पर नकाब/हिजाब पहन रखा था। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके चेहरे की ओर इशारा करते हुए कथित तौर पर अपने हाथ से नकाब नीचे किया। इस दृश्य का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा।

विपक्ष और संगठनों की आपत्ति

इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने इसे महिला की गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है।


विपक्ष का कहना है कि किसी महिला की सहमति के बिना उसके पहनावे को छूना या हटाना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह उसके संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना को मर्यादा और सहमति के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

धार्मिक स्वतंत्रता पर बहस

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिली। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी महिला की धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत पहनावे में हस्तक्षेप करने का अधिकार है। वहीं, कुछ वर्गों ने इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया विवाद करार दिया।

सरकार और समर्थकों का पक्ष

सत्ताधारी दल जदयू और भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह कदम किसी दुर्भावना से नहीं, बल्कि एक अभिभावक जैसे भाव से उठाया गया था, ताकि मंच पर मौजूद डॉक्टर का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।


केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में पहचान के लिए चेहरा दिखाना सामान्य प्रक्रिया है और इसे गलत अर्थों में नहीं देखा जाना चाहिए। जदयू नेताओं का आरोप है कि विपक्ष इस घटना को राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।

अपने पद पर योगदान देंगी

घटना के बाद कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि अपमानित महसूस करने के कारण महिला डॉक्टर ने नौकरी जॉइन करने से इनकार कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि डॉक्टर अपने पद पर योगदान देंगी और नियुक्ति को लेकर कोई विवाद नहीं है।

पाकिस्तान से मिली धमकी

इस प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश और हैदराबाद में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पाकिस्तान में बैठे एक व्यक्ति शहजाद भट्टी की ओर से कथित धमकी भरा वीडियो भी मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस जांच में जुटी हुई है।

नोट: एएनआइ इनपुट पर आधारित।

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