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    जिला अभियंता के फर्जी हस्ताक्षर कर 148 योजनाओं की स्वीकृति, तीन कर्मचारियों पर गिरफ्तारी की तलवार

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:32 PM (IST)

    दरभंगा जिला परिषद में जिला अभियंता के फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों की योजनाओं को स्वीकृति दिलाने वाले तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी तय है। न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। एसएसपी ने गिरफ्तारी का आदेश दिया है वहीं डीडीसी ने विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है जिससे उनकी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।

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    फर्जी हस्ताक्षर में जिप के तीन कर्मियों की होगी गिरफ्तारी, बर्खास्तगी की लटकी तलवार

    जागरण संवाददाता, दरभंगा। जिला परिषद में जिला अभियंता का फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों की 148 योजनाओं को स्वीकृत दिलाने वाले तीन कर्मियों अब गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। दरभंगा न्यायालय ने तीनों के अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकृत कर दिया है। ऐसे में इस मामले को पुलिस ने अब गंभीरता से लिया है।

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    एसएसपी ने अनुसंधानक और पर्यवेक्षण पदाधिकारी को इस दिशा में कार्रवाई का आदेश दिया है। गिरफ्तारी नहीं होने पर इश्तेहार चस्पा कर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर न्यायालय से वारंट प्राप्त करने को कहा गया है।

    उधर, डीडीसी ने भी तीनों कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। ऐसे में बर्खास्तगी की तलवार तीनों पर लटक गई है। डीडीसी से इससे पहले सभी योजनाओं को अस्वीकृत कर दिया था। ऐसे में योजना करने वालों का भुगतान भी फंस चुका है।

    बता दें कि योजनाओं को निविदा से बचाने के लिए जिला अभियंता अनिल कुमार के फर्जी हस्ताक्षर से 15वीं वित्त आयोग मद योजनांतर्गत 148 योजनाओं का कार्यादेश दे दिया गया था। इसमें प्रधान लिपिक संतोष कुमार मिश्रा, सहायक जिला अभियंता रमन कुमार और मो. रहमतुल्ला दोषी पाए गए।

    इसके बाद तत्कालीन डीडीसी के आदेश पर तीनों के खिलाफ लहेरियासराय थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई। इसमें तीनों ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। इसमें शुक्रवार को दरभंगा कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

    जिला अभियंता अनिल कुमार के त्यागपत्र देने के बाद उन्हें 26 मई 2025 को जिला परिषद कार्यालय में बुलाया गया। जहां उन्होंने लिखित जानकारी दी कि चार मार्च 2025 अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद उनके नाम का फर्जी हस्ताक्षर कर योजनाओं की स्वीकृति आदेश दिया गया है। इसमें तीनों कर्मियों की संलिप्तता होने की बात कही।

    13 करोड़ की योजनाओं को किया गया निरस्त

    जिला परिषद में फर्जी हस्ताक्षर से जिन 148 योजनाओं को स्वीकृत किया गया था वह 12 करोड़ 90 लाख 47 हजार 419 रुपये की थी। विभागीय स्तर पर इस योजनाओं को कराने के लिए ही बैक डेट में फर्जी हस्ताक्षर का सहारा लिया गया।

    दरअसल, सरकार ने सभी योजनाओं को निविदा से माध्यम से कराने का आदेश दे दिया था और जिला अभियंता ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसका लाभ संबंधित कर्मियों ने उठाते हुए फर्जी हस्ताक्षर कर सभी योजनाओं को स्वीकृत कर दिया। इसके बाद युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। हालांकि, अब सभी योजनाओं को डीडीसी ने निरस्त कर दिया है।

    तीनों कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है। तीनों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। स्वीकृत योजनाओं को रद कर दिया गया है। - स्वप्निल उप विकास आयुक्त, दरभंगा

    मामले को गंभीरता से लिया गया है। गिरफ्तारी को लेकर आदेश दिया गया है। बहुत जल्द दोषी पुलिस गिरफ्त में होगा।-जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी,एसएसपी , दरभंगा