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Bihar Chunav : वोट की राह में पानी की दीवार, कुशेश्वरस्थान के 11 बूथों पर चचरी पुल व नाव ही सहारा

By Arun Kumar Rai Edited By: Dharmendra Singh
Published: Wed, 05 Nov 2025 05:36 PM (IST)

बिहार के कुशेश्वरस्थान में जलभराव के कारण 11 मतदान केंद्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। मतदाताओं को चचरी पुल ...और पढ़ें

नाव से मध्य विद्यालय इटहर मतदान केन्द्र जा रहे मतदान कर्मी ।

नाव से मध्य विद्यालय इटहर मतदान केन्द्र जा रहे मतदान कर्मी ।

HighLights

  1. 289 बूथ तक पहुंच सड़क से पहुंचेंगे मतदाता

  2. पहले नाव या चचरी पुल का था सहारा

  3. प्रशासन द्वारा मतदाताओं के लिए व्यवस्था

संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। कभी नाव और बांस की चचरी पुल पार कर मतदान केंद्र पहुंचने वाले दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान के मतदाता अब सड़क मार्ग से 289 बूथ तक पहुंच सकेंगे।

आजादी के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र के अधिकांश मतदाताओं को नाव या अस्थायी पुल की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हालांकि हाल की बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के इटहर,महिसोट, नरकटिया तथा सुघराईन बूथ पर अब भी मतदान कर्मी एवं सुरक्षा बलों को नाव पार कर जाना पड़ेगा।

ऐसे 11 बूथों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ेगा। इनमें पूर्वी प्रखंड के इटहर, महसोट नरकटिया, सुघराईन, जिमराह, बलथरवा, गैइजोरी, बरनिया, गोलमा, भरैन मुसहरी, फकदोलिया और कुशेश्वरस्थान प्रखंड के गोड़ा व बलहा बूथ शामिल हैं।

bihar chunav in darbhanga

भरडीहा में बूथ तक जाने के लिए बना चचरी पुल। 

सात हजार मतदाताओं को नाव या चचरी पुल से पहुंचना होगा

इन बूथों पर लगभग सात हजार मतदाताओं को नाव या चचरी पुल पार कर मतदान केंद्र पहुंचना होगा। अंचल प्रशासन ने इन सभी बूथों के लिए नाव की व्यवस्था कर दी है, ताकि मतदाता सुरक्षित रूप से मतदान कर सकें।

शेष 289 बूथों पर मतदाता सड़क मार्ग से पैदल चलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दरअसल, कुशेश्वरस्थान खासकर पूर्वी प्रखंड का बड़ा इलाका कोसी, कमला बलान और करेह नदी की उपधाराओं से घिरा दियारा क्षेत्र है।

पहले यहां सड़क का नामोनिशान नहीं था और वर्ष में छह माह तक बाढ़ का पानी भरा रहता था। जिसके कारण मतदाताओं, मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को नाव या चचरी पुल के सहारे बूथ तक पहुंचना पड़ता था।

पिछले कुछ वर्षों में हुए विकास कार्यों से अब स्थिति बदल चुकी है। कमला बलान नदी का पश्चिमी तटबंध और करेह नदी का उत्तरी तटबंध फुहिया तक पूरा कर दिया गया है।

वहीं फुहिया में 12 फाटक का स्लूस गेट बनने से कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के एक नगर पंचायत सहित पांच पंचायत तथा कुशेश्वरस्थान प्रखंड के सभी 14 पंचायतों को बाढ़ की समस्या से राहत मिली है।

दरभंगा-कुशेश्वरस्थान स्टेट हाइवे 56 को फुलतोड़ा तक विस्तार दिया गया है। अधिकांश ग्रामीण सड़कों को हाइवे से जोड़ने और नदी-नालों पर पुल-पुलिया बनने से इस दियारा क्षेत्र में अब यातायात सुगम हो गया है।