Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Bihar: 'क्रेडिट ले लीजिए, लेकिन दरभंगा एम्स बनने दीजिए', बिहार सरकार के मंत्री ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार

    By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 11:57 PM (IST)

    बिहार के दरभंगा में एम्स के निर्माण को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एम्स का क्रेडिट लेने को लेकर मची होड़ पर बिहार सरकार में मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि दरभंगा एम्स को राजनीति से अलग रखकर देखने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि क्रेडिट ले लीजिए लेकिन दरभंगा एम्स बनने दीजिए।

    Hero Image
    बिहार सरकार के मंत्री ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा: बिहार के दरभंगा में एम्स के निर्माण को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एम्स का क्रेडिट लेने को लेकर मची होड़ पर बिहार सरकार में मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि दरभंगा एम्स को राजनीति से अलग रखकर देखने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि क्रेडिट ले लीजिए, लेकिन दरभंगा एम्स बनने दीजिए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि आवंटित जगह पर एम्स का निर्माण होने से दरभंगा का विकास उस क्षेत्र में भी फैल जाएगा। शहर का लुक (चेहरा) बदल जाएगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज (डीएमसीएच) अस्पताल में भी 2500 बेड का नया अस्पताल बन जाएगा।

    कहा- जिद पर अड़ी केद्र

    उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने एम्स के निर्माण के लिए शोभन में जमीन दे दी है। मिट्टी भरने के लिए पैसे दे दिए हैं, लेकिन केंद्र सरकार जिद पर अड़ी हुई है।

    उन्होंने पूछा कि क्या आप डीएमसीएच को बंद करना चाहते हैं? बिहार सरकार ने आठ भाग में मिट्टी भराई का टेंडर कराया, ताकि काम जल्दी हो सके।

    शोभन को एम्स निर्माण के लिए बताया सबसे सही जगह 

    मैंने खिरोई नदी से मिट्टी देने के लिए एनओसी दे दिया। दरभंगा शहर में तालाब व नदी भरकर लोगों ने घर बना लिया, तो शोभन में मिट्टी भरकर एम्स क्यों नहीं बन सकता है।

    शोभन में एम्स बनेगा तो मधुबनी, सहरसा, सुपौल या दूसरों जिले से आने वाले लोगों को ज्यादा आसानी होगी। बगल में एयरपोर्ट है, तो बाहरी चिकित्सक भी आसानी से आ-जा सकेंगे।

    दरभंगा एयरपोर्ट पर भी बोले मंत्रीजी

    उन्होंने कहा कि पूरे देश में जितनी एयरपोर्ट उड़ान स्कीमें खुलीं, उसमें से 90 प्रतिशत फेल हो गईं और जो सफल हुईं, उसमें दरभंगा नंबर एक पर है। उड़ान योजना इसलिए चालू की गई थी कि चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सकें।

    बिहार सरकार पटना एयरपोर्ट पर ईंधन मद में 28 प्रतिशत टैक्स लेती है, जबकि दरभंगा एयरपोर्ट से एक प्रतिशत टैक्स लेती है, लेकिन यहां से उड़ान का किराया सर्वाधिक है। अभी दुर्गा पूजा आने वाला है, उस समय और ऊपर जाएगा।

    दरभंगा एयरपोर्ट का रनवे पटना की अपेक्षा डेढ़ गुना बड़ा है। नवंबर में 24 एकड़ जमीन बिहार सरकार ने दे दी, लेकिन नाइट लैंडिंग की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।