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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनएच 84 के भू धारकों ने दी आत्मदाह की धमकी

By JagranEdited By:
Published: Sun, 30 Sep 2018 06:56 PM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्ग-84 भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति की बैठक पुराना भोजपुर स्थित ठाकुर जी मंदिर में संपन्न हुई। बैठक में 42 मौजों के भू धारक उपस्थित हुए।

एनएच 84 के भू धारकों ने दी आत्मदाह की धमकी
एनएच 84 के भू धारकों ने दी आत्मदाह की धमकी

बक्सर । राष्ट्रीय राजमार्ग-84 भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति की बैठक पुराना भोजपुर स्थित ठाकुर जी मंदिर में संपन्न हुई। बैठक में 42 मौजों के भू धारक उपस्थित हुए। इस दौरान उपस्थित भू-धारियों ने कहा कि पीएनसी कंपनी के द्वारा एनएच 84 संघर्ष समिति के 8 सदस्यों पर फर्जी मुकदमा किया गया है, जो कि एक अन्याय पूर्ण घटना है। 42 मौजों के किसानों ने इस घटना पर अपनी अपनी राय दी एवं विरोध प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सह पर पीएनसी कंपनी के द्वारा कानून को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के केंद्रीय परिवहन मंत्री के कथनानुसार किसानों की भूमि पर 80 फीसद मुआवजा देने के बाद भूमि का अधिग्रहण तथा भौतिक रूप से कार्यारंभ किया जाना था लेकिन यहां जिला प्रशासन बक्सर के 42 मौजों में से मात्र 30 मौजों में ही भूमि का मुआवजा दे पाई है। बाकी 12 मौजों के किसानों को अभी तक नोटिस भी नहीं हुआ है जो कि पूर्ण रूप से गैरकानूनी है। जिन किसानों ने अभी तक अपनी भूमि का मुआवजा नहीं प्राप्त किया है। वह हर हाल में अपनी भूमि पर काम नहीं होने देना। चाहते ऐसे में जिला प्रशासन एवं कंपनी उन पर झूठा मुकदमा करती है। जो गलत है। विरोध करना किसानों का मौलिक अधिकार है। लेकिन, जिला प्रशासन इस बात को नहीं समझ रहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन यदि अपने रवैया में परिवर्तन नहीं करेगी तो किसान भू धारी जिला समाहरणालय के परिसर में सामूहिक आत्मदाह करेंगे। जिसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन एवं पी एल सी कंपनी की होगी। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष बलिराम दुबे ने की एवं संचालन ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने किया। बैठक में यह भी तय हुआ कि अगली बैठक आगामी 21 अक्टूबर को पुन: इसी स्थान पर की जाएगी। बैठक में अन्य उपस्थित लोगों में सुरेश ¨सह, अनिल कुमार राय, कालीचरण ¨सह, राम प्रवेश ¨सह, रामकुमार ¨सह, नरेंद्र तिवारी, भृगु महतो, वेदव्यास पांडेय समेत कई लोग उपस्थित रहे।