बक्सर में 29 से होगी पंचकोसी परिक्रमा, 3 दिसंबर को लगेगा लिट्टी-चोखा मेला; भगवान राम से जुड़ी है मान्यता
बक्सर में ऐतिहासिक पंचकोसी परिक्रमा 29 नवंबर से शुरू होगी, जिसका मुख्य आकर्षण लिट्टी-चोखा मेला 3 दिसंबर को चरित्रवन में ...और पढ़ें

लिट्टी चोखा मेला। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बक्सर। जिला मुख्यालय में ऐतिहासिक पंचकोसी परिक्रमा 29 नवंबर से शुरू होगी, जिसका मुख्य आकर्षण लिट्टी-चोखा मेला तीन दिसंबर को आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सिद्धाश्रम व्याघ्रसर (बक्सर) पंचकोसी परिक्रमा समिति की एक अहम बैठक की गई।
समिति जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मेले के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। बैठक में समिति के प्रमुख सदस्य एडवोकेट सुबेदार पाण्डेय, श्रीकृष्णा चौबे, संजय पाठक और मूलशंकर वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मेले को सुव्यवस्थित बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
परिक्रमा समिति के अध्यक्ष अच्युत प्रपन्नाचार्य महाराज की अध्यक्षता एवं सचिव डॉ. रामनाथ ओझा के संचालन में सोमवार को आयोजित बैठक में व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
सचिव के अनुसार, परिक्रमा की शुरुआत 29 नवंबर को अहिरौली स्थित अहिल्या मंदिर से होगी। इसके बाद 30 नवंबर को नदांव स्थित नारद आश्रम, एक दिसंबर को भभुअर, दो दिसंबर को बड़का गांव तथा तीन दिसंबर को चरित्रवन में धार्मिक कार्यक्रम होंगे, जहां अंतिम पड़ाव पर प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा मेला लगेगा।
विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं रहेंगी, जबकि चार दिसंबर को संत समाज की विदाई के साथ परिक्रमा संपन्न होगी।
भगवान श्रीराम से जोड़ी जाती है पंचकोसी यात्रा
पंचकोसी परिक्रमा की समृद्ध धार्मिक परंपरा रही है। श्रद्धालु पांच दिनों में पांच प्रमुख ऋषियों के आश्रमों व तीर्थस्थलों की यात्रा कर विशिष्ट प्रसाद ग्रहण करते हैं।
अहिरौली, नदांव, भभुअर, बड़का गांव और चरित्रवन के पड़ावों से जुड़ी यह यात्रा सनातन आस्था के साथ स्थानीय खान-पान व लोक संस्कृति के समन्वय का जीवंत प्रतीक मानी जाती है, जिसका समापन चरित्रवन में पारंपरिक लिट्टी-चोखा के महाप्रसाद के साथ होता है।
स्थानीय जनमानस इसे भगवान श्रीराम से जोड़ता है। ऐसा माना जाता है कि मु़नि विश्वामित्र के साथ आए भगवान ने सिद्धाश्रम में इन स्थानों का भ्रमण कर संबंधित ऋषियों का आशीर्वाद लिया था।
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