सुपौल में किराए के मकानों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, नजदीकी सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन
सुपौल के मरौना प्रखंड में किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अब सरकारी विद्यालयों में स्थानांतरित किया ...और पढ़ें

HighLights
आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी विद्यालयों में होंगे स्थानांतरित।
भवन संबंधी समस्याएँ होंगी दूर, बेहतर संसाधन उपयोग।
बच्चों को मिलेगा व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण, समन्वय बढ़ेगा।
संवाद सूत्र, मरौना (सुपौल)। प्रखंड क्षेत्र में किराए के भवनों में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अब नजदीकी सरकारी विद्यालयों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इस पहल से जहां आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में आ रही भवन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी, वहीं उपलब्ध सरकारी संसाधनों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।
इसको लेकर सोमवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी रचना भारतीय ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) मरौना के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में प्रखंड क्षेत्र के ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों पर विस्तार से चर्चा की गई, जो वर्तमान में किराए के निजी भवनों में संचालित हो रहे हैं।
बीडीओ ने संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर इन केंद्रों को उनके नजदीक स्थित सरकारी विद्यालयों में संचालित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की।
इस दौरान केंद्रों की वर्तमान स्थिति, आसपास के विद्यालयों की उपलब्धता तथा विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
बीडीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन बच्चों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सरकारी विद्यालयों के परिसर में केंद्रों का संचालन होने से बच्चों को एक व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलेगी। साथ ही विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए और तैयार की गई कार्ययोजना को यथाशीघ्र धरातल पर उतारने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में विद्यालयों से संबंधित कायाकल्प योजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। बीडीओ ने योजना के तहत विद्यालयों में चल रहे कार्यों की गति तेज करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित कायाकल्प योजना के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने तथा लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि कायाकल्प योजना के तहत निर्धारित कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का विकास समय पर हो सके। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
बीडीओ ने सीडीपीओ एवं बीईओ को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया और कायाकल्प योजना से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार आगे बढ़ाएं। बैठक में दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।