यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: चंदन मिश्रा हत्याकांड में सामने आया मोनू सिंह का नाम, पुलिस ने 3 लोगों से की पूछताछ
बक्सर के कुख्यात चंदन मिश्रा की पटना में हत्या के बाद बक्सर पुलिस हरकत में आई। दो संदिग्धों के शामिल ...और पढ़ें

HighLights
- चंदन मिश्रा हत्याकांड में दो संदिग्ध शामिल
- पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया
- मोनू सिंह की संलिप्तता सत्यापित हुई
जागरण संवाददाता, बक्सर। पटना के पारस अस्पताल (Paras Hospital Patna) में बक्सर के कुख्यात चंदन मिश्रा की हत्या (Chandan Mishra Murder) में बक्सर के दो अपराधियों की संलिप्तता सामने आने के बाद बक्सर पुलिस पूरी रात छापेमारी करती रही। इस दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों को उठाकर घंटों पूछताछ की है।
पटना में चंदन मिश्रा की हत्या के बाद से राजधानी पटना से लेकर बक्सर तक पुलिस के बीच खलबली मची है। इस बीच हत्यारों की पहचान के क्रम में बक्सर के दो अपराधियों की संलिप्तता सामने आने तथा बक्सर की ओर भागने की बात सामने आते ही बक्सर पुलिस भी सक्रिय हो गई और वाहन जांच से लेकर छापेमारी में जुट गई।
सदर एसडीपीओ धीरज कुमार ने बताया कि जांच के क्रम में देर रात एक संदिग्ध स्कॉर्पियो नजर आते ही उसे रोक लिया गया और उसपर सवार तीन व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, घंटों की गई पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
एसडीपीओ ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा बक्सर के जिन दो अपराधियों का नाम भेजा गया था, उनमें औद्योगिक थाना के बेलाउर निवासी मोनू सिंह की पहचान के साथ ही यह सत्यापित कर लिया गया है कि हत्या में उसकी संलिप्तता थी और वारदात के समय वह पटना में ही था। दूसरे अपराधी बलवंत की संलिप्तता अभी सत्यापित नहीं हो सकी है।
दरअसल, पटना पुलिस द्वारा भेजी गई तस्वीर जब स्थानीय लोगों से तस्दीक कराई गई, तो कई ने कहा कि तस्वीर बलवंत से मिलती-जुलती लगती है, पर उसकी नहीं है। वैसे इसकी जांच तकनीकी माध्यम से भी करने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलें कि शुक्रवार की सुबह पारस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र के सोनबरसा निवासी कुख्यात चंदन मिश्रा की पांच से छह की संख्या में रहे अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आराम से सभी अपराधी अस्पताल से निकलकर भाग गए।
चंदन पर दो दर्जन से अधिक हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं। 2011 में बक्सर के चूना व्यवसायी की हत्या मामले में चंदन आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और 15 दिन के पेरोल पिता के इलाज के नाम पर बाहर आया था।
हालांकि, घटना के समय वह खुद अपना इलाज पटना के पारस अस्पताल में करा रहा था और आपरेशन के बाद हास्पिटल के प्राइवेट वार्ड में लेटा हुआ था।
