इनामी बदमाश ने कबूला जुर्म
यूपी के फरुखाबाद से गिरफ्तार कर भोजपुर लाए गए 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी ममलेश कुमार सिंह ने पुलिस द्वारा किए गए पूछताछ के दौरान कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आरा। यूपी के फरुखाबाद से गिरफ्तार कर भोजपुर लाए गए 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी ममलेश कुमार सिंह ने पुलिस द्वारा किए गए पूछताछ के दौरान कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। साथ हीं बदला लेने के उद्देश्य से अपराध का रास्ता चुने जाने की बात पुलिस को बतायी है। इसकी जानकारी भोजपुर एसपी आदित्य कुमार ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार ममलेश दिन दहाड़े हत्या, रंगदारी एवं आपसी वर्चस्व की लड़ाई को लेकर काफी सक्रिय था। अपराधिक इतिहास को देखते हुए उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। पकड़ा गया इनामी ममलेश मूल रूप से आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुली गांव निवासी जय किशोर सिंह का पुत्र है। वर्तमान में परिवार नवादा थाना के संकट मोचन नगर मुहल्ला में भी रहता है। आपको बताते चलें कि भोजपुर पुलिस व एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि वांटेड ममलेश यूपी के फारूखाबाद में छिपा हुआ है। जिसके बाद एसपी के आदेश पर एक टीम का गठन किया गया था। टीम में एसटीएफ के अलावा डीआईयू व नवादा थाना पुलिस की टीम शामिल थी। इस दौरान टीम ने शुक्रवार को फारूखाबाद में छापेमारी कर वांटेड को धर दबोचा था। इसके बाद पकड़े गए वांटेड को सड़क मार्ग के रास्ते भोजपुर लाया गया। शनिवार को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
-------------
फोन पर रंगदारी मांगे जाने के मामले में भी आरोपित हैं पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर
एसपी ने बताया कि पकड़े गए ममलेश के विरुद्ध कुल पांच मामले मिले है। जिसमें दो हत्या, एक रंगदारी एवं तीन दो मामले हत्या के प्रयाय से जुड़े है। सभी मामले साल 2014 से लेकर 2019 के बीच के है। नवादा थाना क्षेत्र के संकट मोचन नगर एवं महाराणा प्रताप नगर मुहल्ला इलाके में आपसी वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से अदावत चली आ रही थी। शोध-प्रतिशोध की लड़ाई में महाराणा प्रताप-सकंट मोचन व वशिष्ठ नगर इलाके में दो सालों के अंदर एक फर्नीचर व्यवयसायी सह लोजपा नेता समेत दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। 26 अप्रैल 2017 को संकट मोचन ब्रह्म स्थान मोड़ के समीप स्थित एक फर्नीचर दुकान पर हथियार बंद अपराधियों ने दुकानदार सह लोजपा नेता मुन्नू सिंह को गोली मार दी थी। बाद में हमले में घायल मुन्नू सिंह ने पटना में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। केस भी हुआ था। इसी तरह 22 मई 2018 को वशिष्ठनगर मुहल्ला निवासी कॉलेज कर्मी बैजनाथ प्रसाद गुप्ता का पुत्र मुकेश गुप्ता अपने घर के ठीक सटे दुकान के पास बैठा हुआ था कि उसी समय एक बाइक से आए हथियार बंद तीन अपराधियों ने उसे गोलियों से भून डाला था। इसके बाद आराम से न्यू पुलिस लाइन की ओर बाइक लेकर भाग निकले थे। मुकेश को आठ गोली मारी गई थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं में वांटेड ममलेश को आरोपी बनाया गया था। इधर, महाराणा प्रताप नगर निवासी रवि कुमार 27 फरवरी 2019 की सुबह अपने घर से संकट मोचन ब्रह्म स्थान के समीप स्थित मिठाई दुकान पर मिठाई लेने गया हुआ था। इसी दौरान एक पल्सर बाइक पर सवार दो अपराधी आ धमके थे । पीछा कर रवि को ताबड़तोड़ दो गोली मारी गई थी। इसके बाद हमलावर हथियार लहराते हुए बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। इस केस में ममलेश समेत अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसी तरह 28 अगस्त 2017 को डॉ रंजीत कुमार सिंह ने भी रंगदारी मांगे जाने को लेकर केस दर्ज कराया था। हालांकि, उसने रंगदारी मांगे जाने की बात से इंकार किया है।
-----------
एसपी से कहा, उसे और उसके परिवार को बनाया गया था टारगेट, पुलिस से नहीं मिली थी मदद
इधर, पकड़े गए ममलेश ने पूछताछ में एसपी से कहा कि साल 2017 में उसके भाई युगेश सिंह पर हमला हुआ था। उसके भाई को गोली मार दी गई थी। इसके बाद से ही अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसने बताया कि पूर्व में उसके ऊपर भी गोली चलाई गई थी। उसके घर पर हमला किया गया था। इसे लेकर कार्रवाई को लेकर उसने पुलिस के पास अर्जी दी थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में उसे अपराध की दुनिया में कदम रखना पड़ा था। वह पेशेवर अपराधी नहीं रहा है। वर्चस्व की लड़ाई में अपराधी बन गया था। कुछ केसों में उसे फंसाया भी गया है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।