अरुण प्रसाद, आरा: केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट के जरिए पूर्व मध्य रेलवे के तहत नई रेल लाइन के निर्माण हेतु 448 करोड़ का आवंटन मिलने के साथ चिर प्रतीक्षित आरा-भभुआ नई रेल लाइन के साथ साथ जगदीशपुर रेलवे स्टेशन के निर्माण की संभावना प्रबल हो गई है। वर्ष 2019-20 में पारित केंद्रीय बजट में आरा रेलवे स्टेशन समेत पूर्व मध्य रेलवे के आधुनिकीकरण को ले पिछले वर्ष की अपेक्षा 13.50 प्रतिशत अधिक 4560 करोड़ की राशि ़खर्च करने की स्वीकृति मिली है। जिससे स्थानीय रेल यात्रियों के लिए पर्यावरण के अनुकूल सस्ती, सुरक्षित व आरामदायक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी। इस आशय की जानकारी देते हुए पूमरे हाजीपुर जोन के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेलवे को कैपिटल एक्सपेंडिचर व बजटीय सहयोग के लिए 4560.12 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 542 करोड़ रुपये अधिक है। जारी वित्तीय वर्ष में आवंटित राशि से नई रेल लाइन, आमान परिवर्तन, विद्युतीकरण समेत कई अन्य परियोजनाओं तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्य में गति लाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि आमान परिवर्तन के लिए 185 करोड़, सड़क संरक्षा कार्य हेतु 218 करोड़, समपार से संबंधित कार्य हेतु 59 करोड़, यात्री सुविधा के लिए 227 करोड़, कारखानों के लिए 136.79 करोड़, सिग्नल एवं दूर संचार के लिए 132.44 करोड़, पुल एवं सड़क पहुंच संबंधी कार्य के लिए 56 करोड़ तथा ट्रैक के नवीनीकरण हेतु 635 करोड़ का प्रावधान है। इसके अलावा अन्य कार्याें के लिए भी पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण होने से गाड़ियों की गति में वृद्धि तथा समय पालन में भी सुधार संभव हो सकेगा।

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नए बजट में पूमरे के लिए आवंटित राशि :

आमान परिवर्तन: 185 करोड़

सड़क संरक्षा: 218 करोड़

समपार कार्य: 59 करोड़

यात्री सुविधा: 227 करोड़

कारखानों के लिए 136.79 करोड़

सिगनल एवं दूर संचार: 132.44 करोड़

पुल एवं सड़क पहुंच: 56 करोड़

ट्रैक नवीनीकरण: 635 करोड़

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बीते वर्ष 1.41 अरब की योजनाओं में से अधिकांश अबतक हैं लंबित : आरा : रेलमंत्री पियूष गोयल ने अगस्त 2018 में आरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह में आरा रेलवे स्टेशन से जुड़े यात्रियों के लिए 1.41 अरब रुपये लागत की कई योजनाओं का एक साथ शिलान्यास किया था और लोकसभा चुनाव से पहले सभी योजनाओं के पूरा हो जाने का भरोसा भी दिलाया था। पर, इनमें से करोड़ों रुपये लागत की कई योजनाएं कार्य समापन की निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी। जिनके पूरा होने की आस लगाए आरा के यात्रियों के बीच अब तरह-तरह चर्चा शुरू हो गई है। कई योजनाएं तो अबतक शुरू भी नही हो सकी है। वही आनन फानन में जारी कुछ योजनाओं का निर्माण कार्य रेलवे के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जिससे घाटे में चल रही भारतीय रेल को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।

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आरा में लिफ्ट व कुल्हड़िया, कोईलवर, कारीसाथ में पुल का नहीं है नामोनिशान: रेलमंत्री पियूष गोयल ने आरा में 0.99 करोड़ की लागत से दो लिफ्ट, 2.94 करोड़ की लागत से पूर्वी छोर पर तीन मीटर चौड़ा उपरी पैदल पुल तथा कुल्हड़िया, कोईलवर एवं कारीसाथ रेलवे स्टेशन पर 4.50 करोड़ की लागत से तीन मीटर चौड़ा उपरी पैदलगामी पुल का निर्माण कराने की घोषणा की थी। जिनके निर्माण कार्य समापन की निर्धारित तिथि बीतने के बावजूद अबतक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से इनका कहीं नामोनिशान तक दिखाई नहीं दे रहा है।

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रेलवे की लंबित योजनाओं का विवरण: योजना का नाम लागत राशि कार्य समापन की निर्धारित तिथि दो लिफ्ट का निर्माण 0.99 करोड़ 31 दिसंबर 2018 पूर्वी छोर पर तीन मीटर

चौड़ा उपरी पैदल पुल 2.94 करोड़ 31 जनवरी 2019 कुल्हड़िया, कोईलवर एवं

कारीसाथ रेलवे स्टेशन

पर तीन मीटर चौड़ा उपरी

पैदलगामी पुल का निर्माण 4.50 करोड़ 31 जनवरी 2019 फसाड, सर्कुलेटिग एरिया

तथा प्लेटफार्म संख्या 1

का उन्नयन कार्य 2.47 करोड़ 31 जनवरी 2019 आरा स्टेशन पर गुड्स शेड,

सड़क एवं माल गोदाम के

सतह की मरम्मती 0.95 करोड़ 31 जनवरी 2019 आरा स्टेशन पर रेलवे

सुरक्षा बल बैरक एवं

कार्यालय का निर्माण 0. 69 करोड़ 30 दिसंबर 2018

Posted By: Jagran