जिले में यूरिया आने के बावजूद प्रखंडों में चक्कर काटते रहे किसान
बेमौसम बारिश से यूरिया की मांग बढ़ी है। मंगलवार को जिले में 1354 टन यूरिया को सभी प्रखंडों के लाइसेंसी खुदरा दुकानों पर भेजा गया। फिर भी बुधवार को यूरिया का संकट बना रहा।

जागरण संवाददाता, आरा : बेमौसम बारिश से यूरिया की मांग बढ़ी है। मंगलवार को जिले में 1,354 टन यूरिया को सभी प्रखंडों के लाइसेंसी खुदरा दुकानों पर भेजा गया। फिर भी बुधवार को यूरिया का संकट बना रहा। उदवंतनगर, संदेश और आरा सदर के अलग-अलग गांवों के तीन दर्जन से अधिक किसानों ने इसकी शिकायत जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार से की। डीएओ ने अविलंब संबंधित दुकानदारों को डांट फटकार दोबारा शिकायत नहीं आने की चेतावनी दी।
किसानों से पता चला कि बारिश के बाद गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव जरूरी होता है। ऐसा नहीं किया गया तो दाना कमजोर हो जाएगा। उदवंतनगर के किसान अशोक चौधरी ने बताया कि यूरिया के लिए सुबह सात बजे से मुखियाजी के मार्केट स्थित खाद दुकान के सामने खड़े रहे, दो घंटे बाद बताया कि वहां में खाद नहीं है। किसान सोहरायी महतो ने बताया कि दुकानदार मुंह देखकर खाद देते हैं, 12 बीघा खेत बटायी पर लेकर गेहूं की बुआई किए हैं, दो बोरा यूरिया बाजार से 450 रुपये में ब्लैक खरीद कर छिड़काव किए हैं, लेकिन अभी भी तीन बोरी खाद की जरूरत है।
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यूरिया का उठाव नहीं करने वाले दुकानदारों पर होगी कार्रवाई जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में यूरिया का उठाव नहीं करने वाले खुदरा दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी सूची बनायी जा रही है। कृषि विभाग जीरो टालरेंस नीति से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण करके दोषी विक्रेताओं को चिह्नित किया जाता है और कार्रवाई भी की जाती हैँ। रबी मौसम में कुल 346 दुकानों में छापेमारी की गई। प्राप्त शिकायतों के आलोक में 48 उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस रद किया गया है। 18 विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज की गई। दो कृषि समन्वयकों को निलंबित किया गया। मंगलवार को जिले में यूरिया की खेप पहुंचने के बाद सभी खुदरा दुकानदारों को ले जाने का निर्देश दिया गया था। कई दुकानदारों ने किसानों को यह कहते हुए लौटा दिया कि उन्होंने उठाव नहीं किया है।
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नैनो लेने से हिचक रहे किसान
जिले में नैनो यूरिया का भंडार काफी है, लेकिन किसान नैनो यूरिया लेने से इंकार कर रहे हैं। कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों में नैनो उर्वरक को लेकर अभी जागरूता की कमी है। इसके कारण वे नैनो यूरिया को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। जबकि नैनो यूरिया ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे मिट्टी को नुकसान कम और पौधों को अधिक फायदा होता है। हालांकि कोई उर्वरक दुकानदार किसी किसान को नैनो लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।
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इस थोक विक्रेताओं को आवंटित की गई यूरिया
मंगलवार को जिले में रेलवे रैक से कोरोमंडल फर्टिलाइजर के यूरिया उर्वरक पहुंचा था। इसको जिले में सबसे अधिक ओम खाद भंडार थोक विक्रेता ने 270 टन यूरिया उर्वरक मिला। राज ट्रेडिग को 247.5 टन, राजेश फर्टिलाइजर को 81 टन, पंचम फर्टिलाइजर को 180 टन, सोनू खाद भंडार को 157.5 टन, मां भवानी को फर्टिलाइजर को 247.50 टन, मां लक्ष्मी फर्टिलाइजर को 171 टन यूरिया मिली है। इन थोक विक्रेताओं ने 15 प्रखंडों में खुदरा विक्रेताओं को आवंटन किया है।
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निम्न प्रखंडों में निम्न मात्रा में खुदरा विक्रेताओं को आवंटित किया गया है यूरिया खाद प्रखंड ----------मात्रा टन में
आरा-------92.00
बड़हरा------104.00
कोईलवर------65.00
संदेश-------- 85.00
उदवंतनगर----81.00
सहार---------83.50
अगिआंव------73.00
पीरो--------168.50
तरारी-------171.00
चरपोखरी----73.00
गड़हनी-------75.00
जगदीशुपर----138.00
शाहपुर-------68.50
बिहियां------77.00
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