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    बिहार में कैमरे बन रहे अपराधियों के लिए काल, बड़े-बड़े कांडों का हो रहा पर्दाफाश

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 05:07 PM (IST)

    भोजपुर जिले में लगे सीसीटीवी कैमरे अपराधियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। इन कैमरों की मदद से पुलिस ने कई लूटपाट और हत्या के मामलों को सुलझाया है। हाल ही में तनिष्क शोरूम में हुई लूट और सीएसपी संचालक की हत्या के मामले में भी सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों की पहचान हुई थी। पुलिस अब नए हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी कैमरे लगाने की योजना बना रही है।

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    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    दीपक, आरा। भोजपुर जिले में सड़कों और बाजारों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अपराधियों के लिए काल बन गए हैं। लूटपाट, डकैती और अन्य संगीन घटनाओं में इन 'तीसरी आंखों' ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई है।

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    हाल के महीनों में कई वारदातें कैमरे में कैद हुईं, जिनके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीसीटीवी की संख्या और कवरेज बढ़ने से अपराध नियंत्रण में और मजबूती आएगी। पुलिस ने अब नए हाटस्पाट क्षेत्रों में भी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। एसपी राज ने जिलाधिकारी के पास प्रस्ताव भी भेजा है।

    केस स्टडी- 01

    10 मार्च 2025 को टाउन थाना क्षेत्र के शीश महल चौक स्थित तनिष्क शोरूम में अपराधियों ने धावा बोलकर साढ़े दस करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात लूट लिए थे। दिनदहाड़े शोरूम में 6–7 हथियारबंद बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।

    शोरूम के कैमरों में आरोपियों की एंट्री, मूवमेंट, पहनावा (सर्जिकल ग्लव्स आदि) साफ रिकॉर्ड हुआ था। इन्हीं फुटेज से अपराधियों की पहचान हुई थी । कांड में संलिप्त लुटेरों और लाइनर समेत 20 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई थी। कांड में संलिप्त एक लुटेरा अररिया में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

    केस स्टडी- 02

    चार फरवरी 2025 काे बहोरनपुर बांध के समीप सीएसपी संचालक धर्मेंद्र कुमार राय की हत्या कर चार लाख 12 हजार रुपये की लूट हुई थी। घटना स्थल से तत्काल सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उसमें अपराधियों की पहचान की गई थी। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर काफी मददगार साबित हुआ था।

    तकनीकी साक्ष्यों (जैसे मोबाइल लोकेशन, वाहन डिटेल्स) के साथ मिलकर 48 घंटे के भीतर पांच सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। नकदी भी मिला था। रवि पांडेय ,सुजीत राय, संरक्षण देने वाला गोलू प्रसाद और पैसे–हथियार छुपाने में सहयोगी आरती देवी को गिरफ्तार किया गया था। नकदी भी मिला था।

    केस स्टडी- 03

    24 अक्टूबर 2024 को टाउन थाना क्षेत्र अन्तर्गत गांगी पुल स्थित बैरियर के समीप घात लगाए अपराधियों ने प्रापर्टी डीलर को गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की थी। टाउन थाना के सिंगही निवासी घायल प्रापर्टी डीलर मो. शाहिद को तीन जगहों पर गोली लगी थी। सीसीटीवी फुटेज से भी पुलिस को सुराग मिला था।

    बाद में पुलिस ने कांड में संलिप्त शूटर समेत षड्यंत्र में शामिल सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सुपारी लेकर गोली मारे जाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने सुपारी किलिंग गैंग से जुड़े अनुज गुप्ता, पंकज यादव एवं राहुल समेत अन्य को जेल भेजा था।

    पुलिस ने अब नए हाटस्पाट क्षेत्रों में भी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी के पास प्रस्ताव भी भेजा गया है। - राज, एसपी, भोजपुर