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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

World Police Games 2025: आरा की सपना का बर्मिंघम में बजा डंका, विश्व पुलिस गेम्स में जीते 3 मेडल

Published: Thu, 03 Jul 2025 05:03 PM (IST)

आरा की सपना कुमारी ने 21वें विश्व पुलिस गेम्स में तीन मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। बीएसएफ में कार्यरत ...और पढ़ें

आरा की सपना का बर्मिंघम में बजा डंका, विश्व पुलिस गेम्स में जीते 3 मेडल
आरा की सपना का बर्मिंघम में बजा डंका, विश्व पुलिस गेम्स में जीते 3 मेडल

HighLights

  1. सपना ने विश्व पुलिस गेम्स में जीते तीन मेडल
  2. फील्ड आर्चरी और थ्रीडी आर्चरी में स्वर्ण पदक
  3. परिवार और कोच का मिला भरपूर सहयोग

शमशाद प्रेम, आरा। खुली आंखों से देखे गए सपने जब पूरे होते हैं, जब उसमें पूरे परिवार का योगदान दिखता है। सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत आरा की सपना कुमारी ने अमेरिका के बर्मिंघम अलबामा में आयोजित 21वें विश्व पुलिस गेम्स में तीन मेडल जीतकर न सिर्फ अपने देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया।

एक भाई और तीन बहनों में छोटी सपना के पिता शहर के रस्सी बगान नवादा निवासी जितेन्द्र प्रसाद ट्रैक्टर मैकेनिक हैं और माता कुंती देवी शिक्षिका। सबसे बड़ी बहन नीतू भी बीएसएफ में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रही हैं। मंझली बहन नूतन कुमारी अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी हैं, जो खेल कोटे से पटना समाहरणालय में कार्यरत हैं।

छोटा भाई शिक्षक है। 27 जून से 6 जुलाई तक बर्मिंघम अलबामा में आयोजित इस प्रतियोगिता में सपना ने तीन श्रेणियों में पदक प्राप्त किया है। फील्ड आर्चरी और थ्रीडी आर्चरी में स्वर्ण पदक प्राप्त किया, जबकि टारगेट आर्चरी में रजत पदक जीता है। विश्व में तीरंदाजी के क्षेत्र में भारत के लिए यह उल्लेखनीय उपलब्धि है।

इसके पूर्व 9 से 13 दिसंबर 24 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित थर्टीन ऑल इंडिया पुलिस आर्चरी में कुल पांच रजत पदक प्राप्त किए थे। इस प्रतियोगिता में सपना की पूरे भारत में दूसरी रैंक थी। इसी उपलब्धि पर सपना ने 21वें विश्व पुलिस गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। सपना बचपन से ही अपनी बड़ी बहन नूतन कुमारी के साथ स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम जाती थी।

यहां दोनों बहने मार्शल आर्ट सीखती थी। सपना को बार-बार चोट लगने के कारण मार्शल आर्ट से मोह भंग होने लगा। तब इन्होंने तीरंदाजी का चयन किया। वरिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से सपना ने तीरंदाजी का गुर सीखा।

सपना के पिता जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जब से बिटिया स्पर्धा में भाग लेने गई थी, वे लोग उम्मीद लगाए हुए थे, उसके पदक जीतने की सूचना से परिवार में खुशी है और उन्हें कई लोग बधाई दे रहे हैं।

2014 में हुई सीमा सुरक्षा बल में नियुक्ति

वर्ष 2014 में सपना की नियुक्ति सीमा सुरक्षा बल (जीडी) में हुई थी। लगभग दो साल बाद खेल में तीरंदाजी में ट्रायल के बाद सपना का चयन हुआ। वर्तमान में सपना 95 बटालियन बीएसएफ गुड़गांव में कार्यरत हैं। यहीं पर सपना के पति तीरंदाज राजन कुमार भी कार्यरत हैं। तीरंदाजी में कोच मनोज कुमार और चरण जी के अलावा पति का भरपूर सहयोग मिलता है।

2008 में नूतन कुमारी ने विश्व स्तर पर जीता था मेडल

सपना की मंझली बहन अंतरराष्ट्रीय बुशू खिलाड़ी नूतन कुमारी ने 2008 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप और 2009 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में एक-एक कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 13 स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। एनआईएस कोच नूतन को छह बार मुख्यमंत्री सम्मान मिला है।