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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जगदीश मास्टर की लड़ाई को और तेज करने का आह्वान

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Published: Wed, 11 Dec 2013 03:06 PM (IST)Updated: Wed, 11 Dec 2013 03:07 PM (IST)

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संवाददाता,आरा : जगदीश मास्टर की स्मृति में एकवारी,अंबेडकर छात्रावास, स्थानीय जगदीश स्मृति भवन स्थल, आयर गाव तथा बिहिया स्थित स्मारक पर मंगलवार को सभा आयोजित की गई। ंएकवारी स्थित जगदीश मास्टर, रामेश्वर अहीर और शीला जी के स्मारक पर आयोजित सभा की शुरुआत माल्यार्पण से हुई। माले नेता रामजी राम ने लाल झडा फहराया। उसके बाद पोलित ब्यूरो सदस्य स्वदेश भट्टाचार्य, जगदीश मास्टर की पत्‍‌नी कमलेश्वरी, जिला सचिव जवाहरलाल सिंह, जितेंद्र समेत प्रखंड स्तरीय नेताओं ने स्मारक पर माल्यार्पण कर जगदीश मास्टर और उनके साथियों को श्रद्धाजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए स्वदेश भट्टाचार्य ने कहा कि सामंती जुल्म के खिलाफ नई आजादी की जो लड़ाई है, मास्टर साहब उसके नायक हैं। जगदीश मास्टर , रामेश्वर अहीर, रामायण राम, रामनरेश राम, बूटन मुसहर ने जिस क्त्रातिकारी लड़ाई की शुरुआत की, जिस लाल परचम को एकवारी और भोजपुर में स्थापित किया, आज उस झडे की लड़ाई देश के कोने- कोने में पहुंच चुकी है। आज सामंती-पूंजीवादी-अपराधी ताकतों के खिलाफ उस लड़ाई को और तेज करना होगा।

समकालीन जनमत के संपादक सुधीर सुमन ने कहा कि मास्टर साहब ने सामाजिक बदलाव के साथ-साथ गरीबों के राजनैतिक हक अधिकार के लिए लड़ना सिखाया। अन्याय और जुल्म करने वाली ताकत चाहे जिस रूप में सामने आए उसे जनता की संगठित ताकत के बल पर शिकस्त देने के संघर्ष को जारी रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धाजलि होगी। सहार प्रखंड कमेटी सदस्य रामकिशोर राय ने कहा कि मास्टर साहब ने समाज को लोकतात्रिक बनाने का काम किया। सभा की अध्यक्षता टेंगर राम ने की। इस मौके पर मास्टर साहब के परिजन व सहार प्रखंड के कई माले नेता मौजूद थे। वहीं अंबेडकर छात्रावास में छात्रों को संबोधित करते हुए स्वदेश भट्टाचार्य ने कहा कि नौजवानों को चाहिए कि वे आज के जमाने में बदलाव की लड़ाई के सहयोगी बनें।

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