Bihar Chunav: बिहार चुनाव में वोटर लिस्ट पर सियासी बवंडर... पप्पू यादव का पारा गरम... सीमांचल में सुलग रही सियासत
Bihar Chunav 2025 चुनाव आयोग की ओर से किए जा रहे मतदाता पुनरीक्षण पर सीमांचल की राजनीति गरमाने लगी है। इंडी गठबंधन के साथ पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नौ जुलाई को बिहार बंद की जोरदार तैयारी शुरू कर दी है। वहीं भाजपा ने इसे फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से हटाने की पहल बताया।

प्रकाश वत्स, पूर्णिया। Bihar Chunav मतदाता पुनरीक्षण पर सीमांचल का राजनीतिक तापमान कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा है। कांग्रेस-राजद के साथ पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी इसके खिलाफ नौ जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। इधर, सत्ता पक्ष के दल विपक्षियों के इस विरोध को राष्ट्र व जनहित के काम में एक और अड़ंगा भर मान रहे हैं। पूरी गतिविधि पर उनकी भी पैनी नजर टिकी हुई है। इन राजनीतिक गतिविधियों से परे जिला प्रशासन चुनाव आयोग से मिले टास्क को पूरा करने में पूरी शक्ति झोंक चुका है।
राजद ने कहा, हमारे वोटरों को हटाने की साजिश
पूर्णिया के राजद जिलाध्यक्ष मिथिलेश दास का कहना है कि मतदाता पुनरीक्षण इंडी गठबंधन के वोटरों को सूची से हटाने की साजिश भर है। इसमें जिन दस्तावेज की मांग की जा रही है, वह निश्चित रूप से अधिकांश वोटरों के लिए तत्काल उपलब्ध कराना मुश्किल है। फिर 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान सभी वोटर अगर सही थे तो 2025 के विधानसभा चुनाव में वे गलत कैसे हो जाएंगे। बिहार से सत्ता जाने के भय में राजग द्वारा यह कदम उठाया गया है, जिसका इंडी गठबंधन पुरजोर विरोध करेगा।
फर्जी वोटरों को हटा रहा चुनाव आयोग
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह की मानें तो विपक्षियों को कभी राष्ट्रहित व जनहित से कोई लेना-देना नहीं रहा है। यह फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से हटाने की चुनाव आयोग की अनूठी पहल है। दो-दो जगह नाम रखने वाले वोटर अब एक जगह अपने अधिकार का उपयोग कर सकेंगे। जनता सब जानती है और विपक्षियों की मंशा को भी समझती है। फर्जी वोटरों के सहारे सत्ता के गलियारों तक पहुंचने के विपक्षियों के मंसूबा पर यह कुठाराघात है और बंद का आह्वान उसी बौखलाहट का परिणाम है।
दशकों से सुलगता रहा है घुसपैठ का मुद्दा
सीमांचल में अमूमन राजग व इंडी गठबंधन के बीच दो धारा वाली राजनीति चल रही है। राजग की यहां इंट्री घुसपैठ, हिंदुत्व सहित राष्ट्रहित के मुद्दे पर हुई और फिर लगातार उसकी जमीन भी मजबूत होती गई। मतदाता पुनरीक्षण का मामला सामने आते ही विपक्ष सतर्क हो गया है। इंडी गठबंधन यह आशंका के साथ इसका विरोध कर रही है कि उनके वोटरों को इस बहाने टारगेट किया जा सकता है और उनके नाम ज्यादा संख्या में हटाए जा सकते हैं।
ओवैसी की पार्टी ने कहा, एनआरसी लागू करने की तैयारी
मुस्लिम बहुल किशनगंज जिला में मतदाता पुनरीक्षण का विरोध हो रहा है। ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने राज्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर इस पर रोक लगाने की मांग की है। किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड के प्रमुख समदानी बेगम ने इसे पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करने की साजिश बताया है। कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने शनिवार को डीएम से मांग की की पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को परेशानी न हो।
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