संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। रेल इंजन कारखाना जमालपुर में ब्रिटिश जमाने से ही 16 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा मनाने की प्रथा चली आ रही है। कारखाना प्रशासन आज भी इस पुरानी प्रथा को मना रही है। विश्वकर्मा पूजा के दिन जहां कारखाना आम लोगों के लिए खुली रहती थी जबकि पिछले दो वर्षों से यहां आम लोगों के आगमन पर पूरी तरह प्रतिबंध कारखाना प्रशासन की ओर से लगाया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के साथ छोटे- बड़े व्यवसायियों में इस बात की खाता नाराजगी देखी जा रही है।

-ब्रिटिश जमाने से रेल कारखाने में 16 को मनाया जाता है विश्वकर्मा पूजा

-विश्वकर्मा पूजा के दिन दूरदराज से कारखाना देखने के लिए आते थे लोग

-कोरोना के कारण दो वर्ष से आम लोगों के लिए कारखाना प्रशासन ने लगा रखी है रोक

थोड़ी देर के लिए खोला गया कारखाना का मुख्य द्वार

हालांकि, विश्वकर्मा पूजा को लेकर अचानक कारखाना के सभी गेटों पर गुरुवार को दूरदराज से आए लोगों की भीड़ को देखते हुए थोड़ी देर के लिए कारखाना का गेट आम लोगों के लिए आरपीएफ के कड़ी चौकसी के बीच खोला गया। कारखाना का गेट खुलने के बाद जहां रेलकर्मी अपने परिवार के साथ शाप में स्थापित किए गए विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा का पूजा-पाठ करते हुए कारखाना में निर्माण व मरम्मत हो रहे कार्यों को देखा। दूसरी ओर नोट्रेडेम एकैडमी के तमाम सिस्टर अपनी टीम के साथ कारखाना का भ्रमण किया।

कारखाने के अंदर लोगों में उत्साह का माहौल

कारखाने के अंदर ज्यादातर उत्सव में विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा स्थापित की गई है। बीटीसी शाप में कुछ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इसमें कारखाने के तमाम अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दूसरी ओर विश्वकर्मा पूजा को लेकर कारखाना इंस्पेक्टर चुनमुन कुमार अपनी टीम के साथ कारखाना गेट पर चौकस दिखे। इस दौरान लोगों में उत्साह का माहौल था।

 

Edited By: Abhishek Kumar