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विक्रमशिला सेतु से 65 सदस्यों की टीम हटा रही अंतिम बेली ब्रिज, रेलिंग और सड़क कटिंग का काम भी जारी

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:44 AM (IST)

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बने 170 फीट लंबे बेली ब्रिज को खोलने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही कमजोर स्लैब की कटिंग भी जारी है।

हटाये जा रहे क्षतिग्रस्त हिस्से के बेली ब्रिज व सेतु पुनर्स्थापन कार्य में जुटे कर्मी । जागरण

हटाये जा रहे क्षतिग्रस्त हिस्से के बेली ब्रिज व सेतु पुनर्स्थापन कार्य में जुटे कर्मी । जागरण

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट बेली ब्रिज खोलने का काम शुरू।

  2. कमजोर स्लैब की कटिंग जारी, 65 सदस्यीय टीम लगी हुई।

  3. पुनर्स्थापन कार्य में तेजी को तीन सहायक अभियंता प्रतिनियुक्त।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए गए 170 फीट लंबे बेली ब्रिज को खोलने के साथ ही कमजोर तीन स्लैब की कटिंग का काम भी मंगलवार से शुरू कर दिया गया।

पुल पर बनाए गए चार बेली ब्रिज में तीन पहले ही हटाए जा चुके हैं। अब इसके नीचे वाले स्लैब को काटा जा रहा है। जबकि क्षतिग्रस्त हिस्से पर बचा अंतिम बेली ब्रिज के इसे आगे के हिस्से से खोलने की कार्रवाई शुरू हुई है। ऊपर और नीचे दो डबल पैनल होने के कारण इसे नीचे से भी खोलना होगा।

क्षतिग्रस्त हिस्से वाले इस बेली ब्रिज को सबसे बाद में हटाने का निर्णय इसलिए लिया गया था, ताकि पुनर्स्थापन कार्य में इस्तेमाल होने वाली क्रेन, कटिंग मशीन और अन्य निर्माण सामग्री को इसके जरिये इधर-उधर ले जाया जा सके।

अब निर्माण सामग्री नवगछिया की ओर पहुंचा दी गई है। इसके बाद बेली ब्रिज खोलने का काम शुरू किया गया है। इसमें 65 सदस्यीय टीम लगाई गई है।

बीआरओ के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद ने बताया कि बेली ब्रिज खोलने और सामान हटाने में पांच-छह दिन लग सकते हैं। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इसके लिए बीआरओ को 4.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

रेलिंग और सड़क कटिंग भी जारी

सेतु पर दबाव कम करने के लिए रेलिंग और सड़क की कटिंग का काम जारी है। इसमें करीब एक सप्ताह लगने की संभावना है। इसी के साथ कमजोर तीन स्लैब की कटिंग शुरू कर दी गई है।

इसके बाद स्ट्रक्चर की जांच होगी। फिर हेली कटर से चार स्पेन काटे जाएंगे। इसके बाद बियरिंग डालकर स्टील गर्डर सेट किया जाएगा। स्टील गर्डर के बाद डेक स्लैब ढाला जाएगा, जिसे सेट होने में 28 दिन लगेंगे।

तीन सहायक अभियंता प्रतिनियुक्त

पुनर्स्थापन कार्य में तेजी लाने के लिए एनएच और पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के तीन सहायक अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है। आरसीडी अवर प्रमंडल कोढ़ा के रतन कुमार, अवर प्रमंडल धमदाहा के गौरव कुमार और एनएच मधेपुरा डिवीजन के सहरसा अवर प्रमंडल के तुषार कुमार को भागलपुर भेजा गया है।

पांच अक्टूबर को जारी नोटिफिकेशन में तीनों को 24 घंटे में एनएच कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल में योगदान का निर्देश दिया गया है। प्रतिनियुक्ति पुनर्स्थापन कार्य पूरा होने तक रहेगी। गुवाहाटी और पटना के सेतु पर काम कर चुके अभियंताओं को भी कार्य में शामिल किया गया है।

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