दो साल बाद लौटी खगड़िया के प्रसिद्ध गोपाष्टमी मेले की रौनक, मौत का कुआं और बड़े-बड़े झूले लोगों को कर रहे आकर्षित
खगड़िया के प्रसिद्ध गोपाष्टमी मेले की रौनक-ए-बहारा एक बार फिर लौट पड़ी है। कोरोना के चलते बीते दो साल से मेला ठप पड़ा था। इस बार बड़े-बड़े झूले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस बार 133 वां मेला है।

जागरण संवाददाता, खगड़िया: 133 वां गोपाष्टमी मेला 12 नवंबर से आरंभ हो गया है। दो वर्षों बाद सात दिवसीय इस मेले में रौनक लौटी है। कोरोना के कारण दो वर्षों से मेला नहीं लग पाया था। जिससे खगड़िया गौशाला की आर्थिक स्थिति चरमरा गई थी। इस वर्ष मेला लगने से गौशाला की आर्थिकी भी सुधरेगी। खगड़िया गौशाला मेला कोसी क्षेत्र का अनूठा मेला है।
मेले में दो टावर झूले, तीन ब्रेक डांस झूले, तीन ड्रैगन ट्रेन, तीन नौका बिहार झूले, एक चांद तारा झूला, मून स्टार, मैजिक जादूगर आकर्षण का केंद्र हैं। मौत का कुआं विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसमें मारुति के साथ-साथ बाइक से करतब दिखाया जा रहा है। हर बरस मेले के आकर्षण का केंद्र श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला की ओर से आयोजित दंगल का भव्य शुभारंभ 15 नवंबर से होगा।
श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला के मंत्री अमन कुमार उर्फ शंकर सिंह ने बताया कि स्थानीय पहलवानों के साथ-साथ बिहार के बाहर से भी पहलवान शिरकत कर रहे हैं। हरियाणा, अयोध्या, राजस्थान, बनारस, नेपाल आदि जगहों के महिला व पुरुष पहलवान दंगल के अखाड़े में अपने दांव-पेंच से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। एक बार फिर श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला पुराने रंग में लौट आया है। शुक्रवार को गोपाष्टमी मेला के उदघाटन के साथ- साथ सेवा शिविर का भी उदघाटन एसपी अमितेश कुमार, डीडीसी अभिलाषा शर्मा, एसडीपीओ सुमित कुमार, मेला के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सहित श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला के मंत्री अमन कुमार उर्फ शंकर सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
37 वर्षों के बाद श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला को गोपाष्टमी मेले में सेवा शिविर लगाने का अवसर मिला है। श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला के उदघोषक कृष्ण मोहन सिंह उर्फ मुन्ना ने बताया कि शुरुआती दौर में व्यायामशाला द्वारा ही मेला का आयोजन किया जाता था। उस समय राजेंद्र सरोवर के किनारे मेला का आयोजन किया जाता था। व्यायामशाला के कार्यकर्ता ही मेला का संचालन किया करते थे। 1984-85 के दशक में जिला अधिकारी अजीत कुमार और एसडीओ संतोष मैथ्यू के द्वारा मेला का सरकारीकरण कर दिया गया। जिसके बाद मेला का आयोजन गौशाला परिसर में होने लगा।
वहीं श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला का अखाड़ा भी गौशाला की जमीन पर स्थापित कर दिया गया। जिसके बाद सेवा शिविर की बागडोर ग्राम पंचायत के हवाले कर दिया गया। पंचायत के मुखिया के नेतृत्व में शिविर के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष सहित कार्यकर्ताओं का चुनाव किया जाता था। लेकिन इस बार सन्हौली ग्राम पंचायत नगर परिषद में शामिल हो जाने के कारण दोबारा 37 वर्षों के बाद श्रीकेसरी नंदन व्यायामशाला के कार्यकर्ताओं के हाथों सेवा शिविर की बागडोर सौंप दिया गया है।
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