यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Supaul: सुबह उठा तो मुख्य द्वार पर मिला नवजात, सीने से लगा बोलीं मां-अरे मेरे लल्ला, कोई दूध तो पहुंचाओ जल्दी
सुपौल में एक घर की दहलीज पर नवजात मिला है। नवजात के रोने की आवाज ने पूरे गांव की नींद ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सुपौल। सुपौल के भीमनगर ओपी क्षेत्र के वैद्यानाथपुर में शनिवार की सुबह-सुबह एक नवजात के रोने की आवाज ने पूरे गांव की नींद उड़ा दी। गांव के ही एक घर की दहलीज पर कपड़े में लपेटे कार्टन में रखा एक नवजात मिला। दरअसल वैद्यनाथपुर निवासी मो.अमजद की पत्नी नबीसा खातून जब सुबह सबेरे सो कर उठी और अपने घर का दरवाजा खोली तो उसके घर की दहलीज पर एक नवजात जो कई कपड़े से लपेटे हुए कार्टन में रखा मिला। पहले तो वह नवजात को देखकर अचंभित रह गई, तत्पश्चात कुछ सोचने के उपरांत वह उठाकर अपने घर ले आई।
महिला ने उसे सीने से लगा दिया। अपने पुत्र के जैसा प्यार देने लगा। फिर अन्य स्वजनों को कहा कि जल्दी से दूध लेकर आओ, यह भूखा है। नवजात भूखा था और काफी रो रहा था। नबीसा जल्दी-जल्दी जाकर दूध खरीदकर लाई और उस नवजात को पिलाने लगी। इधर नवजात के रोने की आवाज से इस बात की जानकारी पूरे गांव को लग गई। नवजात को देखने के लिए नबीसा के घर लोगों की काफी भीड़ लग गई। हर कोई अपने स्तर से नवजात के बारे में पता करने लगा।
बावजूद इसके यह पता नहीं चल पाया कि नवजात किसका है और उसके घर के दरवाजे पर किस मजबूरी से छोड़ गया। जब कुछ भी पता नहीं चला तो अंतत: लोगों ने इस बात की सूचना भीमनगर ओपी पुलिस को दी। फिर पुलिस ने मामले की जानकारी चाइल्ड लाइन, सुपौल को दी। पुलिस भी वहां पहुंची।
पुलिस की सूचना पर चाइल्ड लाइन, सुपौल से रूपा कुमारी एवं श्याम सुन्दर सिंह ने आकर नवजात को अपने कब्जे में लिया और इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया। जिसके पश्चात उसे जिला मुख्यालय स्थित पालना घर में रखा गया। गांव में नवजात के मिलने की तरह-तरह से चर्चा हो रही है। लोग कई तरह की बातें कर रहे हैं।