Black Magic वाले परवेज ने बनाया था मासूम की आंख से ताबीज, मुंगेर में 8 साल की बच्ची के साथ ऐसा करते हुए हाथ न कांपे?
विज्ञान के इस युग में Black Magic की बेड़िया लोगों को आज भी जकड़े हुए हैं। मुंगेर में आठ साल की बच्ची के साथ जो कुछ हुआ आज वो कई सवाल खड़े कर रहा है। इस हत्याकांड की पूरी कहानी रूह कंपा दे रही है।

जागरण संवाददाता, मुंगेर : चार बच्चे होने के बाद भी पांचवें गर्भस्थ शिशु की सलामती के लिए बच्ची की निर्मम बलि दी गई थी। पुलिस ने बुधवार, चार अगस्त को साफियाबाद ओपी क्षेत्र के फरदा टोला निवासी पवन चौधरी की आठ साल की बेटी काजल (काल्पनिक नाम) की निर्मम हत्या की गुत्थी सोमवार को सुलझा ली। इस सिलसिले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। खगड़िया जिले की माड़र पंचायत के मधुरा निवासी काला जादू (Black Magic) करने वाले परवेज ने इस घटना के लिए दंपती को उकसाया था।
कुछ माह पूर्व हुआ था पत्नी का गर्भपात : साफियाबाद ओपी क्षेत्र का परहम निवासी दिलीप चौधरी घटना का मुख्य सूत्रधार है। ग्रामीणों के अनुसार दिलीप को चार बच्चे पूर्व से हैं। इनमें दो बेटियां व दो बेटे हैं। उसकी पत्नी का कुछ महीने पूर्व गर्भपात हो गया था। इधर, उसे दोबारा चार माह का गर्भ है। छठा गर्भ सुरक्षित रहे, इस कारण वह परवेज आलम के पास गया था। दिलीप पत्नी को लेकर परवेज के पास पिछले 10 वर्ष से जा रहा है। पांचवे बच्चे के गर्भ के दौरान परवेज ने दिलीप से पहले रेहू मछली की आंख और फिर मुर्गे की आंख की बलि मांगी। इसके बाद भी गर्भपात हो गया।
इस बार मांगी 10 वर्षीय बच्चे की बलि : एसपी जगुन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी के अनुसार दिलीप ने परवेज को बताया कि उसकी पत्नी को चार माह का गर्भ है। परवेज ने इस गर्भ की सलामती के लिए 10 वर्ष के लड़के या लड़की की आंख की बलि मांगी। परवेज की सलाह के बाद दिलीप बच्चे की तलाश में जुट गया। चार अगस्त की दोपहर दिलीप ईंट-भट्ठे के पास दोस्त तनवीर के मुर्गा फार्म पर पहुंचा। वहां दशरथ कुमार भी मौजूद था। दिलीप ने परेवज की बात दोस्तों को बताई। सभी ने वहां भोजन करने के बाद नशा भी किया। इस बीच खेत से गांव जा रही काजल पर दिलीप की नजर पड़ी। दिलीप ने काजल को चाकलेट के बहाने पास बुलाया। मुर्गी फार्म में ले जाकर पिटाई की, इसमें बच्ची बेहोश गई। बच्ची को घसीटा गया। इसमें उसके हाथ के नाखून भी टूट गए। रात 12 बजे बजे के बाद बच्ची की गला दबाकर हत्या की।
बच्ची की आंख से परवेज ने बनाई ताबीज : लकड़ी से उसकी दायीं आंख निकाली। बायीं आंख नहीं निकल पाई, इस कारण आरोपितों ने उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। बच्ची के कपड़े में ही उसकी आंख को लपेटकर दिलीप पांच अगस्त को परवेज के पास ले गया। परवेज ने इसी आंख के सहारे कुछ टोना-टोटका कर खून से सने कपड़े से ताबीज बनाई। इस ताबीज को दिलीप को यह कहकर दे दिया कि इसे अपनी पत्नी को पहना देना। खगडिय़ा के मधुरा में परवेज के गांव के लोगों ने बताया कि परवेज करीब 20 वर्षों से झाड़-फूंक कर रहा है। बीमार पशुओं को भी नमक-तेल खिलाकर वह स्वस्थ करने का दावा करता है। माडऱ पंचायत के मुखिया मु. मेराज ने बताया कि पांच अगस्त को परवेज के यहां बाहर से कोई व्यक्ति आया था। पुलिस ने दिलीप की पत्नी से भी पूछताछ की है।
दिलीप के घर से ताबीज बरामद : एसपी जगुन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि इस मामले में खगडिय़ा के झाड़-फूंक करने वाले परवेज आलम, दिलीप, तनवीर और दशरथ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बच्ची के खून से सने कपड़े में बंधी ताबीज दिलीप के घर से बरामद की है। मामले की जांच के लिए एसपी ने एसडीपीओ नंद जी प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था। इस मामले में एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। इसमें पुलिस को कुछ क्लू मिले। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान के क्रम में पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया। टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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