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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सहरसा: बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को तुरंत पहुंचाया जाएगा अस्‍पताल, डोर-टू-डोर हो रहा सर्वे

By Abhishek KumarEdited By:
Published: Mon, 23 May 2022 10:53 AM (IST)

सहरसा में बाढ़ को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को तुरंत ...और पढ़ें

ढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को तुरंत अस्‍पताल पहुंचाया जा सकेगा।
ढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं को तुरंत अस्‍पताल पहुंचाया जा सकेगा।

संसू, नवहट्टा ( सहरसा )। सहरसा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके में अतिवृष्टि और बाढ़ के समय गर्भवती महिलाओं को परेशानी से निजात दिलाने के लिए सरकार पुख्ता व्यवस्था कर रही है। ऐसी महिलाओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। आशा कार्यकर्ताओं के जरिए डोर टू डोर सर्वे कर सबसे पहले वैसी महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है जिनके प्रसव का समय नजदीक है ।

आंकड़े जुटा रही आशा कार्यकर्ता

गर्भवती महिलाओं का आंकड़ा आशा कार्यकर्ता जुटा रही है । स्वास्थ्य विभाग इलाज से लेकर सुरक्षित प्रसव तक की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी । संभावित बाढ़ प्रभावित हाटी , कैलरी , सत्तौर , डरहार , बकुनियां , नौला एवं शाहपुर पंचायत मे सर्वे किया जा रहा है । सर्वे के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा महिलाओं को जागरूक भी किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के खान पान, पोषण, इलाज एवं देखरेख के साथ साफ सफाई के बारे में बताया जा रहा है । बाढ़ आने पर उसे सुरक्षित स्थल पर पलायन की सलाह भी दी जा रही है।

स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाने का होगा इंतजाम

गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे । स्वास्थ्य प्रबंधक मखदूम अशरफ ने बताया कि नाव के अलावे एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ टीम का भी सहयोग लिया जाएगा। महिलाओं के इलाज व सुरक्षित प्रसव के लिए तैयारी की जा रही है ।

दवा और इलाज की होगी व्‍यवस्‍था 

बाढ़ को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। गर्भवती महिलाओं के अलावा राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भी दवा और इलाज की समुचित व्‍यवस्‍था की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने आवश्‍यक निर्देश दिया है। पशुओं के लिए चारा और दवा की भी व्‍यवस्‍था होगी। इससे पशुपालकों को ज्‍यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।