भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। तीन बच्चों की मां के अपहरण मामले की तफ्तीश करने वाले दारोगा ने डीएसपी के आदेश को भी दरकिनार कर दिया। मामला शाहकुंड थाने में पिछले वर्ष 18 जुलाई को शादी की नीयत से अपहरण के मुकदमे से जुड़ा है। शाहकुंड थाना क्षेत्र निवासी पूजा ठाकुर, बंटी ठाकुर, साजो देवी और प्रिंस ठाकुर को आरोपित बनाया गया था। दर्ज रिपोर्ट में ससुर ने आरोप लगाया कि उनकी बहू का अपहरण कर लिया गया है। घटना तब हुई, जब वे अपनी पत्नी के साथ एक वैवाहिक समारोह में भाग लेने आसनसोल गए थे। घर पर बहू और उसके तीन बच्चे थे। वापस आने के बाद इस संबंध में केस दर्ज कराया। दरोगा प्रहलाद कुमार प्रभाकर जांचकर्ता बनाए गए।

जांच आरंभ हुई। इस बीच अचानक कथित तौर पर अगवा महिला शाहकुंड थाने पहुंच गई। वह बोली कि नानी के घर चली गई थी। जांचकर्ता ने न्यायालय में उसका बयान भी दर्ज कराया, जहां महिला ने अपहरण से इन्कार किया। उसने कहा कि जब अपहरण के केस की जानकारी मिली तो सीधे थाने आ गई थी। कथित रूप से अगवा उस महिला के बयान के बाद डीएसपी विधि व्यवस्था ने तफ्तीश कर रहे दारोगा को पर्यवेक्षण टिप्पणी में निर्देश दिया कि बयान के बाद अपहरण की पुष्टि नहीं होती है। ऐसे में दर्ज रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं होते हैं। इसलिए जांचकर्ता मामले को तथ्य की भूल बता अंतिम रिपोर्ट सौंपे।

डीएसपी ने फाइनल रिपोर्ट सौंपने की अनुशंसा पर्यवेक्षण रिपोर्ट में कर दी। जांचकर्ता ने केस डायरी में इन बातों का जिक्र भी किया। लेकिन डीएसपी के दिए निर्देश का अनुपालन नहीं कर आनन-फानन में आरोप पत्र ही दाखिल कर दिया। डीएसपी के उक्त निर्देश पर एसएसपी से कोई दिशा-निर्देश लेने या किसी अन्य आदेश का इंतजार करने के बजाय आरोप पत्र दे मामले में फजीहत करा दी है।

Posted By: Dilip Shukla

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