संसद में PM मोदी के सामने बोलीं बिहार की रक्षा झा- "हाथों में न बंदूक थी न तलवार..." ओजस्वी भाषण से जीता सबका दिल
Bhagalpur Raksha Jha Parliament Speech: बिहार के भागलपुर की बेटी रक्षा झा ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में गांधी ...और पढ़ें
HighLights
रक्षा झा ने संसद के सेंट्रल हॉल में गांधी पर भाषण दिया।
प्रधानमंत्री मोदी सहित शीर्ष नेताओं ने रक्षा के भाषण को सराहा।
'माय भारत' यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिता से मिला यह अवसर।
दिलीप कुमार शुक्ला, भागलपुर। Bhagalpur Raksha Jha Parliament Speech: धार्मिक व ऐतिहासिक पहचान रखने वाले भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत गोनूधाम गांव की बेटी रक्षा झा ने देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंदिर 'संसद भवन' के सेंट्रल हॉल में अपनी ओजस्वी वाणी से बिहार और पूरे अंग क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
नई दिल्ली स्थित संसद भवन में 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के पावन अवसर पर आयोजित प्रतिष्ठित 'नो योर लीडर' (Know Your Leader) कार्यक्रम में रक्षा झा ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन, सत्य और अहिंसा पर धाराप्रवाह एवं सारगर्भित भाषण देकर सभी का मन मोह लिया।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी देश के शीर्ष राजनेता बने। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई केंद्रीय मंत्री व सांसद मौजूद रहे। रक्षा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत मिलने और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष अपनी बात रखने का गौरव प्राप्त हुआ।

संसद में गूंजी रक्षा की आवाज
संसद के मंच पर जब सिक्किम का प्रतिनिधित्व करते हुए युवा वक्ता के तौर पर रक्षा के नाम की घोषणा हुई, तो पूरा सदन करतल ध्वनि से गूंज उठा। माइक संभालते ही रक्षा ने अपने जोशीले अंदाज में कहा— "हाथों में न तो बंदूक थी, न फिर तलवार... लेकिन फिर भी इस इंसान के सामने पूरे ब्रिटिश साम्राज्य को झुकना पड़ा।"
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अंग्रेजी और हिंदी के संतुलित समन्वय में उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को केवल आजादी का मार्ग ही नहीं दिखाया, बल्कि आजादी के वास्तविक अर्थ से भी परिचित कराया। बापू का सबसे बड़ा हथियार सत्य, दृढ़ता और सत्याग्रह था। उन्होंने रेखांकित किया कि गांधी जी के विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जब-जब हम नफरत के बदले शांति और भेदभाव के बदले समानता को चुनते हैं, तब-तब बापू के आदर्श जीवंत हो उठते हैं।
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29 राज्यों के प्रतिभागियों में से चुनी गईं शीर्ष 12 वक्ताओं में
रक्षा झा का चयन केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के 'माय भारत' (MY Bharat) यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिता के जरिए हुआ था। राज्य स्तरीय यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई। पूरे देश के 29 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से संसद भवन पहुंचे चुनिंदा मेधावी युवाओं में से केवल 12 प्रतिभागियों को ही मुख्य सदन में शीर्ष नेताओं के सामने मंच से भाषण देने का दुर्लभ अवसर मिला, जिसमें रक्षा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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विद्या भारती की मेधावी छात्रा, कॉलेज में भी रहीं टॉपर
रक्षा की पूरी शैक्षणिक नींव विद्या भारती के संस्कारों में गढ़ी गई है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक व 10वीं तक की पढ़ाई परमेश्वर लाल खेमका सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से 96 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद 12वीं (विज्ञान-बायोलॉजी) की पढ़ाई आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर से 92 प्रतिशत अंकों के साथ पूरी की। वर्तमान में वे सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने द्वितीय वर्ष की परीक्षा में अपने पूरे डिपार्टमेंट में सर्वोच्च अंक (टॉपर) प्राप्त किए थे।
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गोनूधाम और बौंसी में जश्न का माहौल, परिजनों ने दी बधाई
रक्षा के पिता नरेंद्र कुमार झा मेडिकल व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता अनीता झा लघु एवं कुटीर उद्योग का संचालन कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। परिवार वर्तमान में बांका जिले के ऐतिहासिक मंदार क्षेत्र बौंसी में निवास करता है, जबकि उनका मूल पैतृक गांव भागलपुर का गोनूधाम (जगदीशपुर) है। गोनूधाम अपने ऐतिहासिक व पौराणिक शिव-पार्वती मंदिर के लिए विख्यात है, जहां सावन में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
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रक्षा झा का परिचय व पारिवारिक पृष्ठभूमि
नाम: रक्षा झा (रक्षा कुमारी)
माता-पिता: अनीता झा (लघु व कुटीर उद्योग से जुड़ीं) एवं नरेंद्र कुमार झा (मेडिकल व्यवसायी)।
मूल पैतृक निवास: ग्राम- गोनूधाम, प्रखंड- जगदीशपुर, जिला- भागलपुर (प्रसिद्ध शिव-पार्वती पौराणिक मंदिर स्थल)।
वर्तमान निवास: बौंसी, जिला- बांका (बिहार)।
पारिवारिक सदस्य: दादा स्वर्गीय सुरेश चंद्र झा, दादी द्रौपदी देवी, चाचा शैलेंद्र झा, चाची पूनम देवी, चचेरी बहनें शिक्षा व शिखा।
बड़ी बहन (दीक्षा झा): शूलिनी विश्वविद्यालय (सोलन, हिमाचल प्रदेश) से एमएससी बायोटेक्नोलॉजी द्वितीय वर्ष की छात्रा। (10वीं- परमेश्वर लाल खेमका सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, 12वीं विज्ञान बायो- अद्वैत मिशन बौंसी, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी- टीएनबी कॉलेज भागलपुर)।
शिक्षा यात्रा (रक्षा झा):
10वीं: परमेश्वर लाल खेमका सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बौंसी, बांका (96%+ अंक)।
12वीं (बायोलॉजी): आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर (92%+ अंक)।
उच्च शिक्षा: सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) तृतीय वर्ष की छात्रा (द्वितीय वर्ष में पूरे डिपार्टमेंट में टॉपर रहीं)।
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"विद्या भारती के तत्वावधान में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय ज्ञान-विज्ञान मेले में रक्षा और दीक्षा ने देश भर में कई बार अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का लोहा मनवाया है।"
रक्षा की बड़ी बहन दीक्षा झा भी उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। दीक्षा ने 10वीं परमेश्वर लाल खेमका सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बौंसी (बांका), 12वीं अद्वैत मिशन बौंसी (बांका) और बीएससी बायोटेक्नोलॉजी टीएनबी कॉलेज भागलपुर से पूरी करने के बाद वर्तमान में शूलिनी विश्वविद्यालय (सोलन, हिमाचल प्रदेश) से एमएससी बायोटेक्नोलॉजी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।
रक्षा की इस अभूतपूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि पर उनकी दादी द्रौपदी देवी, चाचा शैलेंद्र झा, चाची पूनम देवी, चचेरी बहनें शिक्षा और शिखा सहित पूरे परिवार व ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं। परिजनों का कहना है कि भगवान भोलेनाथ की पावन भूमि और अंग क्षेत्र की माटी की इस बेटी ने दिल्ली के सर्वोच्च सदन में पहुंचकर पूरे बिहार का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है।
