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नेशनल खेल लौटे 7 बास्केटबॉल खिलाड़ियों का भागलपुर में होगा ट्रायल, ब‍िहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह को भेजा था ई-मेल

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:40 PM (GMT+05:30)

SGFI Basketball Bhagalpur Selection: राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के कारण स्थानीय ट्रायल से चूके भागलपुर के सात बास्केटबॉल खिलाड़ियों ...और पढ़ें

विजयवाड़ा में 51वीं सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व करने गए थे भागलपुर के 7 खिलाड़ी।

विजयवाड़ा में 51वीं सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व करने गए थे भागलपुर के 7 खिलाड़ी।

HighLights

  1. राष्ट्रीय प्रतियोगिता के कारण छूटा था स्थानीय ट्रायल।

  2. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के हस्तक्षेप से मिला न्याय।

  3. भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में होगा दोबारा ट्रायल।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। SGFI Basketball Bhagalpur Selection: राष्ट्रीय फलक पर बिहार का परचम लहराने वाले भागलपुर के सात होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ियों को अंततः न्याय मिल गया है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित 51वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के कारण ये खिलाड़ी स्थानीय स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के जिला ट्रायल में शामिल नहीं हो सके थे, जिससे उनके टीम से बाहर होने का खतरा उत्पन्न हो गया था।

इस गंभीर तकनीकी अड़चन को लेकर बास्केटबॉल एसोसिएशन ऑफ भागलपुर ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से गुहार लगाई। इसके बाद खेल महकमा हरकत में आया और जिला खेल पदाधिकारी (डीएसओ) ने इन सभी सातों खिलाड़ियों को मौका देते हुए गुरुवार को सैंडिस कंपाउंड में दोबारा ट्रायल कराने का आदेश जारी कर दिया।

27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक विजयवाड़ा में खेल रहे थे नेशनल

एसोसिएशन के सचिव सौरव कुमार ने खेल मंत्री को प्रेषित आवेदन में स्पष्ट किया कि भागलपुर के सात प्रतिभावान खिलाड़ियों (पांच बालक और दो बालिका) का चयन अंडर-14 वर्ग की बिहार टीम में हुआ था। ये सभी खिलाड़ी 27 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेल रहे थे। इसी अवधि के दौरान भागलपुर में जिला स्तरीय चयन ट्रायल की तिथि निर्धारित थी।

एसोसिएशन ने दलील दी कि एक ओर राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व करने और दूसरी ओर स्थानीय ट्रायल में शामिल होने का विकल्प खिलाड़ियों के पास नहीं था। खिलाड़ियों की अनुपस्थिति किसी लापरवाही के चलते नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य के कारण हुई थी। ऐसे में महज तकनीकी औपचारिकता के चलते नेशनल खेल चुके खिलाड़ियों को एसजीएफआई जिला टीम से वंचित करना उनके खेल भविष्य और मनोबल पर सीधा कुठाराघात होता।

एसोसिएशन ने खेल मंत्री और खेल प्राधिकरण से मांगा था दखल

बास्केटबॉल एसोसिएशन ने खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के अलावा बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी (पटना), भागलपुर के जिलाधिकारी और जिला खेल पदाधिकारी को पत्र भेजकर असाधारण परिस्थिति के तहत विशेष अनुमति देने की मांग की। एसोसिएशन ने खिलाड़ियों के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग के प्रमाण और कोच के साथ उनकी आधिकारिक तस्वीरें भी खेल विभाग को उपलब्ध कराईं, ताकि प्रतिभाशाली बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

सैंडिस कंपाउंड में आज शाम होगा दोबारा ट्रायल

विवाद सामने आने और एसोसिएशन के आवेदन के बाद जिला खेल पदाधिकारी मो. शमीम अंसारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए ट्रायल का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिभा को हर हाल में मौका दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया है कि सैंडिस कंपाउंड स्थित बास्केटबॉल कोर्ट पर गुरुवार की शाम विशेष चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य खिलाड़ी वंचित न रहे।

चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला खेल पदाधिकारी मो. शमीम अंसारी, एसोसिएशन सचिव सौरव कुमार, राहीद अख्तर, विश्वजीत और डॉ. आदित्य अमन मैदान पर मौजूद रहेंगे।

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"संघ के माध्यम से मामले की शिकायत प्राप्त हुई थी। नियमतः खिलाड़ियों को पूर्व में सूचित करना चाहिए था कि वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जा रहे हैं और लौटने पर उसका प्रमाण देना अनिवार्य होगा। फिर भी किसी योग्य प्रतिभा को अवसर से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए सैंडिस कंपाउंड के बास्केटबॉल कोर्ट पर गुरुवार की शाम जिला टीम के लिए फिर से विशेष ट्रायल कराया जा रहा है।"

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— मो. शमीम अंसारी, जिला खेल पदाधिकारी, भागलपुर