विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गांव की बेटी ने बढ़ाया बिहार का मान; 37वीं ईस्ट जोन एथलेटिक्स में खुशी कुमारी ने जीता स्वर्ण पदक, जश्न का माहौल

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:19 PM (IST)

Bhagalpur Khushi Kumari Won Gold 37th East Zone Athletics:भागलपुर की खुशी कुमारी ने 37वीं ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की ...और पढ़ें

Bhagalpur Khushi Kumari Won Gold 37th East Zone Athletics

Bhagalpur Khushi Kumari Won Gold 37th East Zone Athletics

HighLights

  1. खुशी कुमारी ने 1000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।

  2. 37वीं ईस्ट जोन एथलेटिक्स में बिहार के लिए स्वर्ण।

  3. कोच जितेंद्र मणि राकेश के मार्गदर्शन में मिली ऐतिहासिक सफलता।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Khushi Kumari Won Gold 37th East Zone Athletics: 37वीं ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भागलपुर की होनहार धाविका खुशी कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने चैंपियनशिप की 1000 मीटर दौड़ स्पर्धा में शानदार गति और अदम्य साहस का परिचय देते हुए बिहार राज्य के लिए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया।

खुशी की इस स्वर्णिम सफलता के बाद उनके परिवार, खेल प्रेमियों, कोच और भागलपुर जिला एथलेटिक्स संघ के पदाधिकारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।खुशी कुमारी स्थानीय आशादीप क्लब से जुड़ी हैं और वह ग्रामीण परिवेश के एक बेहद सामान्य व गरीब परिवार से आती हैं। घर की तंगहाली और सीमित खेल संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।

हर रोज भोर की किरण फूटने से पहले ट्रैक पर पसीना बहाने और निरंतर कड़े अभ्यास के दम पर उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। खुशी की इस कामयाबी ने खेल जगत को यह साफ संदेश दिया है कि यदि खिलाड़ी में सच्चा जुनून और लगन हो, तो आर्थिक तंगहाली कभी भी प्रतिभा का रास्ता नहीं रोक सकती।

कोच जितेंद्र मणि राकेश के मार्गदर्शन से चमकीं खुशी

खुशी की इस शानदार जीत के पीछे उनके कोच जितेंद्र मणि राकेश के कड़े अनुशासन और तकनीकी मार्गदर्शन की बेहद अहम भूमिका रही है। उन्होंने खुशी की प्रतिभा को पहचानते हुए उसे ट्रैक स्पर्धा के लिए प्रशिक्षित किया और मानसिक रूप से भी बड़े मंच के दबाव को झेलने के लिए तैयार किया।

प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटने के बाद भागलपुर एथलेटिक्स संघ के कार्यालय में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संघ के सचिव नसर आलम ने खुशी कुमारी को मेडल पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस दौरान संघ के तमाम पदाधिकारियों ने खुशी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल खेल भविष्य और राष्ट्रीय फलक पर देश का प्रतिनिधित्व करने की शुभकामनाएं दीं।

अभावों में पली-बढ़ी प्रतिभाओं के लिए बनीं प्रेरणा

खुशी कुमारी की इस स्वर्णिम जीत ने साबित कर दिया है कि सुदूर गांवों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही दिशा, नियमित अभ्यास और समर्पण से बड़े से बड़े मंच पर तिरंगा लहराया जा सकता है।

इस जीत के बाद जहां आशादीप क्लब के अन्य युवा धावकों का मनोबल सातवें आसमान पर है, वहीं भागलपुर के खेल संघों ने भी जिला प्रशासन से ऐसी ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित ट्रैक, डाइट और आधुनिक खेल सुविधाएं मुहैया कराने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में और भी एथलीट राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिले का नाम रोशन कर सकें।

यह भी पढ़ें- फिनलैंड में बिहार के अभिजात मिश्रा का बजा डंका! IEEE ने रिसर्च को दिया बेस्ट पेपर अवार्ड, IIT मुंबई से क्वालकॉम का सफर