संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भागलपुर से यशवंतपुर जा रही 12254 सुपरफास्ट ट्रेन से बुधवार को एक फर्जी टीटीई को गिरफ्तार किया गया। फर्जी टीटीई अंग एक्सप्रेस के जनरल क्लास में बैठे कई यात्रियों से फेक ईएफटी (एक्स्ट्रा फेयर टिकट) रसीद काटकर पैसे मांग रहा था। इस बीच कोच में सिविल ड्रेस में बैठे टीटीई की टीम ने अभयपुर स्टेशन के पास दबोच लिया। उसके पास से फेक रसीद बुक और कागजात बरामद हुए। रेल थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़ा गया फर्जी टीटीई बेगूसराय जिले के रतनपुर गांव का सौरव कुमार सिंह है।

रेलवे इसके पुराने इतिहास के बारे में पता लगा रही है। इस संबंध में मालदा मंडल के सीनियर डीसीएम पवन कुमार ने बताया कि कई दिनों से फेक इएफटी पर टिकट काटे जाने और यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायत मिल रही थी। ट्रेन में फर्जी टीटीई की वसूली की जानकारी मिलने के बाद भागलपुर की टीम को एक्टिव किया गया।

बुधवार को अंग एक्सप्रेस के जनरल क्लास में टीटीई को सिविल ड्रेस में बैठे थे। ट्रेन जमालपुर स्टेशन से खुली थी कि कुछ देर बाद एक युवक खुद को टीटीई बताकर यात्रियों को टिकट बनाने लगा। कुछ यात्रियों को फेक ईएफटी थमा दिया। इस बीच कोच में बैठे टीटीई ने अभयपुर स्टेशन के पास दबोच लिया।

काला कोट और फेक रसीद लेकर करता था सफर

पकड़ा गया फर्जी टीटी सौरव कुमार सिंह टीटीई के लिबास में काला कोट, सफेद शर्ट और फेक रसीद लेकर चलता था। इसकी शिकायत काफी अरसे से मिल रही थी। पटना टीम को भी इसके बारे में जानकारी मिल रही थी। काफी दिनों से सौरव ट्रेनों में सवार होकर यात्रियों से जबरन वसूली कर रहा था। बुधवार को आखिरकार वह रेलवे के चंगुल में फंस गया। भागलपुर में अंग एक्सप्रेस में टीटीई की टीम चढ़ती है। इसलिए फर्जी टीटीई सौरव जमालपुर में सवार हुआ।

कड़ई से हो रहा पालन : पवन

आए दिन हो रही ऐसी वारदातों को लेकर मालदा मंडल के सीनियर डीसीएम पवन कुमार ने बताया कि अब सभी ट्रेनों में कड़ई से पालन किया जा रहा है। हर टीटीई को अपने नाम का बैच (नाम लिखी पट्टी) पहनना जरूरी है। टीटीई या रनिंग स्टाफ ने नाम बैच नहीं पहनते हैं तो यात्री उससे अपनी पहचान साझा करने का अनुरोध कर सकते हैं। सीनियर डीएसीएम ने बताया कि ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

Edited By: Dilip Kumar Shukla