मुंगेर [रजनीश]। 2007, 2016 और 2018 में आए प्रलयंकारी बाढ़ में भी मालदा रेल मंडल में ट्रेनों का परिचालन जमालपुर-भागलपुर के बीच बंद नहीं हुआ था। उस वक्त बाढ़ प्रभावित रेल सेक्शन पर सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार कम हुई थी, लेकिन 2021 में गंगा ने रूद्र रूप धारण कर लिया है। गांव, एनएच के बाद रेलवे को पूरी तरह चपेट में लिया है। रेलवे में सेवा दे चुके कई रेल अधिकारी बताते हैं कि इस तरह की नौबत अब तक 70 से 80 वर्षों में नहीं आई है। बाढ़ प्रभावित रेल सेक्शन पर में पानी का बढ़ना और कम होना लगा रहता था, पर ट्रेन परिचालन बंद करने की नौबत नहीं आई। गंगा का यह रूप देखकर हर कोई सकते में हैं। जलस्तर कम होने के लिए गंगा मइया से रेल यात्री गुहार लगा रहे हैं। गंगा का जलस्तर टस से मस नहीं हुआ है। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 12 सेमी बढ़ा है। अभी गंगा खतरे के निशान 39.33 की जगह 40.02 पहुंच गया है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता तो सोमवार को भी ट्रेनों का परिचालन सामान्य नहीं होगा। 46 वर्ष पहले भागलपुर से किऊल का रेल सेक्शन मालदा मंडल में नहीं था। 1975 में मालदा रेल मंडल की स्थापना हुई है। रेल मंडल बनने के बाद भी इस तरह की नौबत नहीं आई है। ट्रेन परिचालन बंद होने से यात्रियों में हाहाकार मचा हुआ है।

आठ हजार से ज्यादा टिकटें हुई रद

बाढ़ के कारण दो दिनों में आठ हजार से ज्यादा रेल की टिकटें रद हुई है। रद की गई ट्रेनों में भागलपुर से लेकर कजरा तक का आरक्षण करा चुके यात्रियों ने अपनी-अपनी टिकटें रद करा दी। बाढ़ की वजह से जमालपुर-भागलपुर के बीच रेल कनेक्शन पूरी तरह कट गया है। हर कोई बाढ़ के पानी से परेशान है। ट्रेन परिचालन बंद हाेने से हजारों यात्री फंसे हुए हैं। रेलवे जलस्तर पर नजर रखने के लिए पेट्रोलिंग टीम को पुल के पास तैनात किया है। रेलवे भी जलस्तर पर कम होने का इंतजार कर रहा है।

कई स्टेशनों के यात्री आज नहीं कर सकेंगे हमसफर से सफर

रेल परिचालन बंद होने के कारण भागलपुर जिले के सुल्तानगंज, मुंगेर जिले के जमालपुर और लखीसराय के अभयपुर स्टेशन के यात्री सोमवार को हमसफर एक्सप्रेस का सफर नहीं कर सकेंगे। इसी तरह इन स्टेशनों के यात्री विक्रमशिला, सूरत एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, जनसेवा, जयनगर इंटरसिटी सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री वंचित रह जाएंगे। बरियारपुर-रतनपुर के बीच पुल संख्या 195 पर पानी कम होने के बाद जलस्तर की जांच होगी। लाइट इंजन चलाकर परिचालन का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ही परिचालन सामान्य होगा।

Edited By: Dilip Kumar Shukla