अब गांव के पोखर में उठेगा रोमांच, भागलपुर के पीरपैंती में स्पीड बोट, कायाकिंग और तैराकी का मिलेगा मौका
Bhagalpur Water Sports Boating Tourism: वन विभाग पीरपैंती प्रखंड के जलाशयों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है।

पीरपैंती में सुंदरपुर कृषि पोखर का निरीक्षण करते वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज व वन विभाग की टीम।
HighLights
पीरपैंती के जलाशयों का पर्यटन केंद्र के रूप में विकास।
स्पीड बोटिंग, कायाकिंग और तैराकी की सुविधाएँ मिलेंगी।
स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
संवाद सूत्र, पीरपैंती (भागलपुर)। Bhagalpur Water Sports Boating Tourism: जिले के पीरपैंती प्रखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय जलाशयों को आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में वन विभाग ने एक बड़ी और नवाचारी पहल शुरू की है।
योजना के प्रथम चरण में प्रखंड के एक उपयुक्त पोखर का चयन कर उसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा और उसे वाटर स्पोर्ट्स व बोटिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस योजना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) आशुतोष राज ने रेंजर कंपनी कुमार तथा वन विभाग की टीम के साथ सुंदरपुर कृषि पोखर और मंजरोही पोखर सहित अन्य जलाशयों का गहन भौतिक निरीक्षण किया।
डीएफओ ने निरीक्षण के दौरान बताया कि वन विभाग की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्राकृतिक जलाशयों का कायाकल्प कर उन्हें स्थानीय पर्यटन और मनोरंजन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की है। इसके तहत पोखर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ सुसज्जित पार्क, बोटिंग और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी।
पांच एकड़ वाले पोखर का किया जा रहा चयन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब पांच एकड़ जमीन वाले पोखर को सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। इसी मानदंड को ध्यान में रखते हुए सुंदरपुर, मंजरोही तथा आसपास के अन्य पोखरों और उससे सटी भूमि की स्थिति का आकलन किया गया है। चयनित स्थल पर हर वर्ग के लोगों के मनोरंजन और साहसिक खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
स्पीड बोटिंग, कायाकिंग और तैराकी का मिलेगा मौका
योजना के अनुसार, विकसित किए जाने वाले वाटर स्पोर्ट्स हब में पर्यटकों के लिए स्पीड बोटिंग, कायाकिंग, सामान्य बोटिंग और पार्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा युवाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल में पेशेवर तरीके से तैराकी सिखाने का भी प्रबंध किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की भी संभावना है।
स्वीकृति के बाद शुरू होगी निविदा प्रक्रिया
निरीक्षण के उपरांत आवश्यक कागजी प्रक्रिया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए वन विभाग के पटना स्थित प्रधान कार्यालय को भेजी जाएगी। मुख्यालय से तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति मिलने और बजट पास होने की औपचारिकताएं पूरी होते ही कार्य के लिए निविदा (टेंडर) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
"वन विभाग की पोखरों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। पांच एकड़ क्षेत्र वाले पोखर का चयन कर वहां बोटिंग, कायाकिंग, स्पीड बोट और पार्क जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। निरीक्षण रिपोर्ट पटना कार्यालय भेजी जा रही है।"
