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विक्रमशिला सेतु बंद होने से नवगछिया में इलाज का संकट, 9 दिन में 45 गंभीर मरीज पूर्णिया रेफर, एक्सरे मशीन भी ठप

Published: Sat, 10 Oct 2026 11:57 AM (IST)

विक्रमशिला सेतु बंद होने से नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज और रेफरल में बड़ी चुनौती आ गई ...और पढ़ें

नवगछिया अनुमंडल अस्पताल से मरीजों को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज ले जाती एम्बुलेंस

नवगछिया अनुमंडल अस्पताल से मरीजों को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज ले जाती एम्बुलेंस

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु बंद होने से नवगछिया में इलाज का संकट।

  2. 9 दिनों में 45 गंभीर मरीज पूर्णिया मेडिकल कॉलेज रेफर।

  3. अस्पताल में सीटी स्कैन नहीं, एक्स-रे मशीन भी ठप।

संवाद सहयोगी, नवगछिया (भागलपुर)। भागलपुर को कोशी व सीमांचल से जोड़ने वाले प्रमुख विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद होने के कारण नवगछिया अनुमंडल अस्पताल प्रशासन के सामने गंभीर मरीजों के आपातकालीन इलाज और रेफरल व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) जाने वाला रास्ता बाधित होने से मरीजों को मजबूरन लंबी दूरी तय कर पूर्णिया मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ रहा है।

  • विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने के बाद नवगछिया अनुमंडल अस्पताल से भागलपुर के बजाय पूर्णिया मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा रहे मरीज

  • 1 से 9 अक्टूबर के बीच गोलीबारी, सड़क दुर्घटना और गंभीर चोटों से पीड़ित करीब 45 मरीजों को पूर्णिया किया गया स्थानांतरित

  • अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं और बीते दो दिनों से एक्सरे (X-Ray) मशीन भी खराब रहने से जांच ठप

  • 9 दिनों में करीब 90 प्रसव हुए, जिनमें कम वजन व जटिलताओं वाले 5 नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया भेजा गया

अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, एक से नौ अक्टूबर के बीच लगभग 45 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर किया गया है। इनमें मुख्य रूप से सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल, गोलीबारी के शिकार, सिर व हड्डियों में गंभीर चोट और जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल हैं।

सीटी स्कैन का अभाव और एक्सरे मशीन ठप, जांच सुविधाओं की कमी से मरीज बेहाल

अस्पताल में जांच सुविधाओं का घोर अभाव स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना रहा है। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में सीटी स्कैन (CT Scan) की सुविधा पहले से उपलब्ध नहीं है, वहीं पिछले दो दिनों से अस्पताल की इकलौती डिजिटल एक्सरे मशीन भी खराब पड़ी हुई है।

गंभीर चोटों या आंतरिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की सटीक जांच न हो पाने के कारण डॉक्टरों के पास उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। बुनियादी जांच मशीनों के ठप रहने से दूर-दराज से आने वाले निर्धन मरीजों को निजी जांच केंद्रों या पूर्णिया का रुख करना पड़ रहा है।

एम्बुलेंस तंत्र में बदलाव और नवजात शिशुओं का रेफरल; 10 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा अस्पताल

उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार ने बताया कि पुल बंद होने के बाद आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस सेवा में बदलाव किया गया है। कुल चार एम्बुलेंसों में से एक खराब है, जबकि तीन छोटी और एक बड़ी एम्बुलेंस को सक्रिय रखा गया है।

वहीं, पिछले नौ दिनों में अस्पताल में करीब 90 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें से कम वजन और समय से पहले (प्री-मैच्योर) जन्मे 5 नवजात शिशुओं को गहन चिकित्सा हेतु पूर्णिया भेजा गया।

वर्तमान में अस्पताल में 3 महिला चिकित्सकों व 2 शिशु रोग विशेषज्ञों समेत कुल 10 डॉक्टर, दो ड्रेसर, एक ओटी असिस्टेंट और एक एक्सरे तकनीशियन कार्यरत हैं।

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"विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण भागलपुर जाने के बजाय गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार हेतु पूर्णिया मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। 1 से 9 अक्टूबर के बीच 45 मरीजों को भेजा गया है। बंद के दौरान गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस और इलाज उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।"

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— डॉ. पिंकेश कुमार, उपाधीक्षक (अनुमंडल अस्पताल, नवगछिया)