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भागलपुर में विक्रमशिला सेतु से हटाए गए 2 बेली ब्रिज, ट्रस पुल बनाने के लिए स्लैब की जल्द होगी कटिंग

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:41 PM (IST)

विक्रमशिला सेतु पर क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए बेली ब्रिज हटाने का काम तेजी से चल रहा है।

विक्रमशिला सेतु से दूसरा बेली ब्रिज का समान निकालते हुए। (जागरण)

विक्रमशिला सेतु से दूसरा बेली ब्रिज का समान निकालते हुए। (जागरण)

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु से दो बेली ब्रिज हटाए गए, तीसरा हटाने का काम जारी।

  2. क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी ट्रस ब्रिज के निर्माण की तैयारी तेज।

  3. गंगा जलस्तर वृद्धि से बाइक फेरी सेवा दो दिनों को रोकी गई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेतु पर बनाए गए चार बेली ब्रिज में से पिछले दो दिनों में दो बेली ब्रिज हटाए जा चुके हैं।

शुक्रवार को भागलपुर की ओर बने 100 फीट लंबे दूसरे बेली ब्रिज को भी पूरी तरह खोल लिया गया। इसके बाद शुक्रवार शाम चार बजे 90 फीट लंबे तीसरे बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू कर दिया गया।

करीब ढाई घंटे काम चलने के बाद अभियान रोक दिया गया। शनिवार सुबह पांच बजे से फिर बेली ब्रिज खोलने का काम शुरू होगा।

जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ), जो सीमा सड़क संगठन का हिस्सा है, की टीम इस अभियान में लगी है। कैप्टन सूरज लड और सहायक अभियंता प्रनोदित मजूमदार की निगरानी में करीब 40 सदस्यीय टीम काम कर रही है।

टीम सुबह पांच बजे से ही काम में जुट जाती है। आवश्यक दैनिक कार्यों के लिए बीच-बीच में अंतर दिया जाता है। अधिकारियों के अनुसार टीम में शामिल कई कर्मी सिक्किम के पहाड़ी क्षेत्र से हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करने में परेशानी हो रही है।

तीन बेली ब्रिज हटाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से पर लगाए गए 170 फीट लंबे बेली ब्रिज को खोला जाएगा। इसमें ऊपर और नीचे डबल पैनल लगे हैं। इसे नीचे से भी खोलना होगा, इसलिए इसे हटाने में तीन से चार दिन लगने की संभावना है।

ट्रस ब्रिज के निर्माण की तैयारी तेज

बेली ब्रिज हटने के साथ ही ट्रस ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। सबसे पहले ब्रिज के रैंप के लिए ऊंची की गई सड़क की कटिंग की जा रही है।

इसके बाद स्लैब काटने का काम होगा, जिसमें करीब 20 से 25 दिन लगने की संभावना है। इसके बाद स्ट्रक्चर की जांच कर चार स्पैन को काटा जाएगा। फिर बेयरिंग लगाकर स्टील गर्डर सेट किया जाएगा। इसके ऊपर डेक स्लैब ढाला जाएगा। डेक स्लैब के सेट होने में करीब 28 दिन लगेंगे।

निर्माण कार्य में गुवाहाटी और पटना के सेतु पर काम कर चुके अभियंताओं को भी लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार छह स्पैन के बेयरिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।

कई स्थानों पर एक्सपेंशन ज्वाइंट का गैप अधिक बढ़ गया है, जबकि दूसरी ओर गैप कम होने से ज्वाइंट आपस में सट गया है। स्लैब के भी धंसने के संकेत मिले हैं।

300 टन बेली ब्रिज का सामान निगम को मिलेगा

हटाए गए बेली ब्रिज का करीब 300 टन लोहा पुल निर्माण निगम को सौंपा जाएगा। दोनों बेली ब्रिज से निकाले गए सामान को आदमपुर स्थित निगम कार्यालय परिसर में पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए सहायक अभियंता लक्ष्मी नारायण मेहता और जेई रागिब मसूद की सेतु पर ड्यूटी लगाई गई है।

बढ़ते गंगा जलस्तर से बाइक फेरी दो दिन बंद

इधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने और नवगछिया की ओर एप्रोच रोड पर कटाव शुरू होने के कारण तीनों घाटों से बाइक की फेरी सेवा दो दिनों के लिए बंद कर दी गई है।

बियाडा घाट, बाबूपुर घाट/डीपीएस घाट और जानवी चौक से संचालित फेरी सेवा में फिलहाल बाइक नहीं ले जाई जाएगी। पैदल यात्रियों के लिए फेरी सेवा पूर्ववत जारी रहेगी। जल संसाधन विभाग और बाढ़ नियंत्रण की टीम कटाव रोकने में जुटी है।

बाबूपुर घाट से जानवी चौक के लिए अतिरिक्त फेरी

यात्रियों की सुविधा के लिए बाबूपुर घाट/डीपीएस घाट से जानवी चौक तक अतिरिक्त फेरी सेवा शुरू की गई है। फेरी सुबह छह बजे, 10 बजे, दोपहर दो बजे और शाम 4:30 बजे चलेगी।

अंतिम फेरी के संचालन में किसी कारण से विलंब होने पर यात्रियों को यथासंभव पूर्व सूचना देने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों के अनुसार ही यात्रा की योजना बनाएं।

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