भागलपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस से बिहार के प्रभावित जिलों की संख्या भले ही बढ़कर 354 हो गई हो, लेकिन इनमें मुंगेर व पटना समेत 25 जिले ऐसे भी हैं, जो कोरोना को मात देने में सफल रहे हैं। इसके साथ ही जहां एक ओर कोरोना के नए मरीजों की बढ़ोतरी की रफ्तार थमी है, तो दूसरी ओर ठीक होकर घर जाने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। लॉकडाउन और कंटेनमेंट प्लान के कड़ाई से लागू किये जाने के कारण कोरोना वायरस के प्रसार पर तब्लीगी जमात के असर को भी कम करने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पुन: लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ा दी है। इसका सभी ने स्वागत किया है। आज ही लॉकडाउन समाप्त होनी थी। 

आइसोलेशन वार्ड में एक मरीज भर्ती

भागलपुर। भागलपुर के मायागंज अस्पताल और सदर अस्पताल में 33 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसमें से नाथनगर के एक व्यक्ति को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि 14 लोगों को होम क्वारंटाइन की सलाह दी गई। वहीं, मुंगेर के एक मरीज को आइसोलेशन वार्ड से छुट्टी दे दी गई।

कोरोना मरीजों के लिए बनेगा 30 बेड का आइसीयू

भागलपुर। मायागंज अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 30 बेड का आसीयू बनेगा। गायनी विभाग को आइसीयू में तब्दील किया जाएगा। इससे कोरोना के गंभीर मरीजों का भी इलाज किया जा सकेगा।

मायागंज के आइसोलेशन वार्ड में मरीज की मौत

भागलपुर। मायागंज के आइसोलेशन वार्ड में पूर्णिया के एक मरीज की मौत हो गई। वह कोलकाता में काम करता था। रविवार को उसे मायागंज अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि पूर्णिया सदर अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच की गई थी। रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी और बुखार भी था। गंभीर स्थिति में उसे रविवार को पूर्णिया सदर अस्पताल से मायागंज अस्पताल रेफर किया गया था।

200 पीपीई किट मिलेगा

भागलपुर। फिल्म निर्माता मनीष मुंधरा ने 15 सरकारी अस्पतालों को 5600 किट उपलब्ध कराएंगे। इसमें से 200 किट मायागंज अस्पताल को मिलेगा। डॉ. हेमशंकर शर्मा ने कहा कि दो-तीन दिनों के अंदर किट मिल जाएगा।

पावापुरी भेजे गए दो मरीज

भागलपुर। मायागंज अस्पताल के एंबुलेंस से हड्डी विभाग के दो मरीजों को पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। अन्य मरीजों को भी भेजा जाएगा।

सामान्य बीमारियों के लिए भाड़े पर लें एंबुलेंस

भागलपुर। लॉकडाउन के दौरान सरकारी निर्देशों का पालन कराने को लेकर आयुक्त वंदना किनी भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने डीएम को लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। आयुक्त ने आवश्यक वस्तु की आवाजाही बनाए रखने, एंबुलेंस की व्यवस्था, अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा चालू रखने, एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि जिले में अन्य बीमारियों की इमरजेंसी के लिए यदि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है तो भाड़े पर एंबुलेंस लेकर कार्य कराएं। बॉर्डर सीलिंग फुलप्रुफ हो, क्वारंटाइन सेंटर व आपदा राहत शिविर में सारी व्यवस्था उपलब्ध हो। मालवाहक गाडिय़ों की चेकिंग कराएं। जिलावार संक्रमित व्यक्तियों की सैंपलिंग, बाहर से आए जमात के लोगों की ट्रैकिंग व स्वास्थ्य परीक्षण और क्वारंटाइन सेंटर की देखरेख कराने का निर्देश दिया। शहरी क्षेत्रों में आवश्यक रूप से सैनिटाइजेशन, स्कैनिंग का कार्य कराने के लिए कहा। आयुक्त ने कहा कि लॉकडाउन बढऩे की संभावना को देखते हुए पुख्ता इंतजाम और आवश्यक तैयारी करने के लिए कहा। बेगूसराय जिले को विशेष चौकसी बरतने, संवेदनशील होकर कार्य कराने का निर्देश दिया। मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर और बेगूसराय जिले में पॉजीटिव केस पाए गए थे, जो इलाज कराने के बाद ठीक हो चुके है। वे होम क्वारंटाइन में है, फिर भी इस मामले में विशेष चौकसी बरतेंगे। सभी डीएम व एसपी ने आयुक्त को अपने जिले की वस्तु स्थिति की जानकारी दी।

कोरोना को ले जेल के मॉक ड्रिल का वीडियो वायरल

भागलपुर। शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा (सेंट्रल जेल) और विशेष केंद्रीय कारा (कैंप जेल) में कोरोना को लेकर नौ अप्रैल को मॉक ड्रिल किया गया था, इसमें कक्षपाल ही मरीज बने थे। उन्हें कर्मियों द्वारा रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया था, लेकिन इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लिखा जा रहा है कि जेल के बड़ा बाबू को कोरोना हो गया है। इस संबंध में जेल प्रशासन ने सोमवार को एसएसपी आशीष भारती से शिकायत की। एसएसपी ने कहा कि कोरोना को लेकर कोई भी सूचना बिना पुष्टि के वायरल नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 32 लोगों पर केस

भागलपुर। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 32 लोगों पर सोमवार को इशाकचक पुलिस ने केस दर्ज किया। इसमें मु. सोहराब उर्फ सोनू और मु. शकील व 30 अज्ञात शामिल हैं। इशाकचक इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांसू ने बताया कि लालूचक भट्ठा निवासी मु. कलीम उर्फ कारू की मृत्यु तीन अप्रैल को हो गई थी। उसके जनाजे में रोक के बाद भी काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। एसएसपी आशीष भारती के निर्देश पर इस मामले में जांच कर कार्रवाई की गई।

ग्रामीणों ने छह राहगीरों को पकड़ पुलिस को सौंपा

जमुई। मिरचा गांव में ग्रामीणों ने जंगल के रास्ते भाग रहे छह लोगों को पकड़ा। इस दौरान इनके साथ का एक आदमी चकमा देकर भागने में सफल रहा। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सभी लोगों को क्वारंटाइन केंद्र में भेज दिया है। ग्रामीणों इन्हें तब्लीगी जमात से लौटने की आशंका में पकड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सभी से पूछताछ की। इन्होंने बताया कि ये चकाई प्रखंड के घुटियाडीह गांव के निवासी हैं। पटना से इलाज कराकर लौट रहे हैं। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी को सदर अस्पताल भेज दिया। इस बाबत थानाध्यक्ष राजबद्र्धन कुमार ने बताया कि सभी पटना से लौट रहे थे। रास्ता भटक गए थे। एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सभी को क्वारंटाइन कर लिया है। जब तक सत्यापन नहीं हो जाता है, तब तक किसी भी आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

बिहारशरीफ से लौटे छह जमाती क्वारंटाइन

किशनगंज। पिछले दिनों बिहारशरीफ में आयोजित जमात में भाग लेकर लौटने वाले 13 लोगों की सूची राज्य सरकार द्वारा किशनगंज को उपलब्ध करा दी गई है। सोमवार शाम तक इनमें से छह लोगों को खोज निकाला गया। सभी लोग 14 और 15 मार्च को जमात में शामिल हुए थे। 16 मार्च को ये भागलपुर के रास्ते किशनगंज पहुंचे थे। बिहारशरीफ जमात में भाग लेने वाले कई लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद अब राज्य सरकार हरकत में आ गई है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने बताया कि जिले के सभी छह लोगों को जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां सैंपल लेकर सबको होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इनपर लगातार नजर रख रही है।

लॉकडाउन में पीड़ितों की मदद का हथियार बना सोशल मीडिया

मुंगेर। पूरा देश कोरोना के खिलाफ संघर्ष में जुटा हुआ है। संघर्ष की इस घड़ी में सोशल मीडिया कारगर हथियार साबित हो रहा है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित है। लॉकडाउन के कारण दैनिक मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोग परेशान हैं। ऐसे में पीड़ितों तक मदद पहुंचाने में सोशल मीडिया मददगार साबित हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारी से लेकर समाजसेवी तक सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों तक मदद पहुंचाने का कैंपेन चला रहे हैं। वाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि सोशल साइट विपदा की घड़ी में पीड़ितों की मदद का सबसे अचूक और सटीक हथियार बन गया है। अधिकारियों ने भी सोशल मीडिया को बनाया माध्यमएसपी लिपि सिंह ने लॉकडाउन में पीड़ितों की मदद के लिए वाट्स एप पर हेलिं्पग हैंडस ग्रुप बनाया। इस ग्रुप में मुंगेर के समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों को जोड़ा गया। इस ग्रुप में किसी जरूरतमंद की समस्या पहुंचते ही उसकी मदद के लिए प्रयास किए जाते हैं। दवा से लेकर सूखा राशन और बना हुआ भोजन के पैकेट तक पीड़ितों को पहुंचाएं जा रहे हैं। एसपी ने मुंगेर पुलिस के ट्विटर हैंडल पर लॉकडाउन के कारण परेशान लोगों के बारे में जानकारी मांगी। कई लोगों ने पुलिस को पीड़ितों के बारे में सूचना दी। इसके बाद पुलिस की टीम ने पीड़ित के घर तक राहत पहुंचाई। वहीं, सदर एसडीओ ने वाट्सएप पर जनसेवा ग्रुप बनाया। इस ग्रुप के माध्यम से भी लॉकडाउन के कारण परेशान लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। दोनों ग्रुप के माध्यम से तीस हजार से अधिक लोगों तक राहत पहुंचाई जा चुकी है। हवेली खड़गपुर एसडीओ ने लॉकडाउन में लोगों के घर तक राहत सामग्री के होम डिलिवरी को लेकर दुकानदारों को शामिल कर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया। इस ग्रुप ने भी खड़गपुर क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाई। अन्य संगठन भी सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों का बांट रहे हैं दर्दसशक्त फाउंडेशन के गौरव शर्मा ने कहा कि मेरी संस्था से पांच हजार से अधिक युवा जुड़े हुए हैं। जिस एरिया से परेशान लोगों के बारे में जानकारी आती है। उस एरिया के युवा उनके घर तक पहुंच कर राहत पहुंचा रहे हैं। इससे लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं हो पाता है। राजद नेता मुकेश यादव, भाजपा नेता संजीव कुमार, ईत्तेहाद कमिटी के जफर अहमद आदि भी सोशल मीडिया पर पीड़ितों के बारे में जानकारी मिलते ही मदद पहुंचा रहे हैं।

मुंगेर में टूटी कोरोना की चेन, अब भी प्रशासन की है पैनी नजर

मुंगेर। कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन और जिला पुलिस लगातार सकारात्मक कदम उठा रही है । बिहार में कोरोना वायरस से पहली मौत मुंगेर के 38 वर्षीय युवक की हुई थी। जिसके बाद से जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी। जिसके परिणामस्वरूप आज मुंगेर जिला में कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोडऩे में सफलता मिली। आज की तारीख में मुंगेर में एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं हैं। कोरोना से निपटने के लिए एसपी लिपि सिंह अपने मातहतों के साथ साथ खुद भी दिन रात सड़कों से लेकर गली मोहल्लों में लगातार गस्त लगा कर माइक पर कोरोना के संक्रमण से बचने की जानकारी दे रही हैं। यही कारण है कि 20 दिन गुजरने के बाद आज लोग लॉक डाउन का पालन करते नजर आ रहे हैं।

चुनौतियों से निपटने की जिद से डीएम ने बदली जिले की सूरत

जिला में एक कोरोना संक्रमण की मौत और सात पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद मुंगेर जिला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया। ऐसे में डीएम राजेश मीणा ने कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लिया। इसके बाद डीएम ने 11 सेल का गठन किया। नियमित सभी सेल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक शुरू की। वहीं, जिला में आइसोलेशन और क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था को दुरुस्त की। क्वारंटाइन सेंटर से लेकर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची तैयार कर उन्हें क्वारंटाइन कराने की मुहिम शुरू की। अभी तक 331 लोगों की जांच कराई गई। जिसमें 290 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।

मुंगेर जिला : यहां बनाए गए हैं क्वारंटाइन सेंटर

जीएनएम स्कूल - हाजीशुभामन

गोइनका अस्पताल - लाल दरवाजा

होटल कर्ण विहार ( रिजर्व)

शंभु रेजीडेंसी - ईस्ट कॉलोनी जमालपुर

वाइट हाउस - जमालपुर

ङ्क्षक्वस होस्टल - जमालपुर

पॉलिटेक्निक कॉलेज - खडग़पुर

एएनएम स्कूल - तारापुर

बुनियादी स्वास्थ्य केंद्र - संग्रामपुर

शकुनी चौधरी बीएड कॉलेज - खडग़पुर

रेलवे हॉस्पिटल - जमालपुर

मुंगेर में आइसोलेशन वार्ड : असरगंज - 4 बेड, बरियारपुर - 2 बेड, धरहरा - 12 बेड, जमालपुर - 4 बेड, खडग़पुर - 91 बेड, संग्रामपुर - 10 बेड, टेटिया बम्बर - 2 बेड, तारापुर - 30 बेड, सदर अस्पताल मुंगेर - 6 बेड

कुल भर्ती मरीजों की संख्या आइसोलेशन वार्ड : 12 पुरुष, 4 महिला

क्वारंटाइन सेंटर में कुल मरीजों की संख्या 36 : गोयनका हॉस्पिटल - 11, क्विन्स होस्टल - 25

मुंगेर जिले में मोबाइल टीम : नौ पीएचसी : 36 मोबाइल टीम, सदर हॉस्पिटल में 4 मोबाइल टीम

 

कोरोना मीटर

- जिला           कुल मामले       मौत        बचाए गए

- मुंगेर            07                   01          06

- लखीसराय     01                  00           01

- भागलपुर      01                  00            01

पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल के 13 जिलों में से पूर्व बिहार के इन तीन जिलों में ही कोरोना के मामले सामने आए हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप