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पांच साल से सूनी गोद में गूंजी खुशियां, भागलपुर में 11 माह के मासूम को पाकर भावुक हुआ कोलकाता का दंपती

Published: Fri, 16 Oct 2026 10:28 AM (GMT+05:30)

पांच साल के लंबे इंतजार के बाद कोलकाता के एक दंपत्ति ने भागलपुर में 11 माह के बच्चे को गोद लिया, जिससे उनके परिवार में खुशियां लौट आईं।

भागलपुर के डीएम ने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने पर 11 माह के बालक को दंपती को सौंपा।

भागलपुर के डीएम ने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने पर 11 माह के बालक को दंपती को सौंपा।

HighLights

  1. कोलकाता दंपत्ति ने भागलपुर में 11 माह का बच्चा गोद लिया।

  2. पांच साल के इंतजार के बाद परिवार में लौटी खुशियां।

  3. CARA पोर्टल से कानूनी प्रक्रिया, 70+ बच्चों को नया परिवार।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। करीब पांच वर्षों के लंबे और सब्र भरे इंतजार के बाद आखिरकार पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी एक दंपत्ति का परिवार पूरा हो गया।

गुरुवार को भागलपुर के जिलाधिकारी ने दत्तक ग्रहण (Adoption) की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 11 माह के एक मासूम बालक को दंपत्ति की देखरेख में विधिवत स्थायी रूप से सौंप दिया। गोद में नन्हे मेहमान को पाते ही दंपत्ति के चेहरे पर वर्षों की अधूरी खुशी चमक उठी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि लंबे समय के इंतजार के बाद उनके जीवन में यह अनमोल खुशी आई है, जिससे उनका घर-आंगन चहक उठा है।

जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, दत्तक ग्रहण की यह पूरी प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA - Central Adoption Resource Authority), नई दिल्ली के 'कारिंग्स' (CARINGS) पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की गई।

इस पूरी कार्यवाही में दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के कड़े प्रावधानों व मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया गया।

70 से अधिक बच्चों को मिल चुका है नया परिवार

इस पावन अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक ने बताया कि भागलपुर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (Specialised Adoption Agency) एक बेहतरीन सामाजिक सरोकार निभा रहा है। इस संस्थान के माध्यम से अब तक 70 से अधिक अनाथ, लावारिस एवं परित्यक्त बच्चों को कानूनी दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के जरिए देश के विभिन्न संवेदनशील परिवारों को सौंपा जा चुका है। इस कल्याणकारी पहल का मुख्य उद्देश्य बेसहारा बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण, स्नेहपूर्ण पारिवारिक देखभाल और उज्ज्वल भविष्य उपलब्ध कराना है।

'मिशन वात्सल्य' पोर्टल पर कराएं पंजीकरण

सहायक निदेशक ने समाज के इच्छुक लोगों और निःसंतान दंपत्तियों से अपील की है कि वे अनाथ बच्चों को अपनाकर एक नया जीवन देने के लिए केवल और केवल कानूनी प्रक्रिया का ही सहारा लें। इसके लिए भारत सरकार के मिशन वात्सल्य (Mission Vatsalya) पोर्टल के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा सकता है। इच्छुक अभ्यर्थी स्वयं पोर्टल पर जाकर या अपने नजदीकी बाल संरक्षण संस्थान की सहायता से अपना निबंधन पूरा करा सकते हैं।

दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेज

जिला प्रशासन के अनुसार, कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को निम्नलिखित अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं।

  • पहचान व निवास प्रमाण: पैन कार्ड, आधार कार्ड (सत्यापन प्रक्रिया हेतु)।

  • पारिवारिक व व्यक्तिगत प्रमाण: विवाह प्रमाण-पत्र (Marriage Certificate)।

  • स्वास्थ्य व आचरण प्रमाण: चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र (Medical Fitness Certificate) एवं संबंधित थाने का पुलिस सत्यापन प्रमाण-पत्र (Police Verification Paper)।

  • वित्तीय स्थिरता: आय प्रमाण-पत्र (Income Certificate)।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी दस्तावेजों और निर्धारित पात्रता की गहन जांच के बाद ही गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है, ताकि बच्चे का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हाथों में रहे।

दत्तक ग्रहण (Adoption) प्रक्रिया संबंधी मुख्य जानकारी:

विवरण प्रशासनिक आंकड़े / नियम
अधिकृत केंद्रीय एजेंसी CARA (कारिंग्स पोर्टल - carings.ncrb.gov.in)
संबंधित कानून दत्तक ग्रहण विनियम 2022 एवं किशोर न्याय अधिनियम 2015
संस्थान की उपलब्धि (भागलपुर) 70 से अधिक बच्चों को मिला नया परिवार
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल मिशन वात्सल्य पोर्टल
जरूरी कागजात पैन, पहचान/निवास प्रमाण, मैरिज सर्टिफिकेट, मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन व आय प्रमाण पत्र

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