जागरण संवाददाता, खगडिय़ा। खगडिय़ा जंक्शन पर असुविधाओं का अंबार लगा हुआ है। मंगलवार को खगडिय़ा स्टेशन के अनारक्षित काउंटर पर रेलवे की घोर लापरवाही देखने को मिली। सुबह से ही कतार में खड़े यात्री गंतव्य स्थान तक जाने के लिए टिकट काउंटर के लाइन में खड़े परेशान दिखे। आरक्षित पांच टिकट काउंटरों में से मात्र दो काउंटर ही खुले हुए थे। जिसमें एक काउंटर सामान्य वर्ग के लिए था। वहीं दूसरा काउंटर महिला व वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुला हुआ था। तीन काउंटर सुबह से ही बंद पड़े थे। जिसके कारण यात्रियों को टिकट कटाने में असुविधाओं का सामना करना पड़ा। मंगलवार की सुबह टिकट काउंटर पर यात्रियों की लंबी कतार लगी हुई थी। स्थिति यह थी कि महिला सह वरिष्ठ नागरिक टिकट काउंटर पर भी सामान्य लोग टिकट कटाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। सुबह से ही टिकट काउंटर के बाहर खड़े यात्रियों के सब्र का बांध टूटने लगा।

यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद रेलवे पुलिस अनारक्षित काउंटर के बाहर पहुंचकर यात्रियों को शांत कराया। वहीं सामान्य अनारक्षित एक और काउंटर को खोला गया। जिसके बाद टिकट मिलने से कुछ हद तक भीड़ नियंत्रित हो सकी। लेकिन लोगों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही थी। मालूम हो कि दूसरा काउंटर जो यात्रियों के दबाव से खोला गया, उस पर टिकट कलेक्टर अतिरिक्त सेवा दे रहे थे। टिकट काउंटर पर बैठे रेल कर्मी ने बताया कि वह एक महीने से परेशान हैं। कर्मियों की कमी के कारण उन्हें दो शिफ्ट में काम करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि नाइट में काम करने के बाद सुबह में भी काम करना पड़ रहा है। वह परेशान हो चुके हैं। इधर टिकट नहीं मिलने के कारण दर्जनों यात्री बिना टिकट ही ट्रेन पर चढ़ गए।

एटीवीएम मशीन दे रहा धोखा, पैसे कटने के बाद भी नहीं मिल रही टिकट

मंगलवार को अनारक्षित टिकट काउंटर के बाहर रेल यात्री की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही थी। जहां एक तरफ अनारक्षित टिकट काउंटर पर कर्मी के अभाव के कारण काउंटर नहीं खुलने से टिकट लेने में यात्रियों को परेशानी हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ भीड़ को कम करने के लिए खगडिय़ा प्लेटफार्म संख्या एक पर टिकट काउंटर के बाहर लगाए गए तीन एटीवीएम मशीन में से मात्र एक मशीन ही काम कर रहा था। मशीन में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों के पैसे तो कट गए, पर उन्हें टिकट नहीं मिल सकी। वहीं टिकट नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों के ट्रेन छूट गए। मालूम हो कि अनारक्षित टिकट काउंटर पर जहां 26 कर्मियों की आवश्यकता है, वहां मात्र 14 कर्मियों से काम कराया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए एटीवीएम मशीन परेशानी बढ़ा रहा है। यह हाथी का दांत बन चुका है। टिकट कटने के बजाय यात्रियों के पैसे फंस रहे हैं। जब इसको लेकर रेलवे के किसी अधिकारी से शिकायत की जाती है, तो वे शिकायत सुनने के लिए तैयार नहीं होते हैं। यहां तक कि एटीवीएम मशीन से टिकट लेने के लिए बनाए जाने वाले कार्ड बनाने को लेकर रेल कर्मी तैयार नहीं होते हैं। - कुणाल कुमार अग्रवाल, मिल रोड, खगडिय़ा।

पटना जाना था। एटीवीएम मशीन से पैसा तो काट लिया गया, लेकिन प्रिंट निकल ही नहीं रहा है। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कोई रेलकर्मी इस शिकायत को सुनने को तैयार नहीं है। - रवि कुमार, समीर नगर, खगडिय़ा।

किन कारणों से कम काउंटर खुले हुए थे। सीनियर डीसीएम से पूछ कर बताएंगे। - आरके सिंह, जनसंपर्क पदाधिकारी, रेलवे, सोनपुर मंडल।

Edited By: Dilip Kumar Shukla