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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जहानाबाद जेलब्रेक कांड : मास्टरमाइंड हार्डकोर नक्सली अजय कानू अब पटना बेऊर जेल में, भागलपुर से गोपनीय तरीके से भेजा

By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
Published: Sun, 05 Jun 2022 08:55 AM (IST)

पटना के बेऊर जेल शिफ्ट कराया गया जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड हार्डकोर नक्सली अजय कानू। सुरक्षा कारणों से ...और पढ़ें

जहानाबाद जेलब्रेक कांड के आरोपित नक्‍सली को पटना बेऊर जेल भेज दिया गया।
जहानाबाद जेलब्रेक कांड के आरोपित नक्‍सली को पटना बेऊर जेल भेज दिया गया।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जहानाबाद जेलब्रेक कांड के मास्टरमाइंड हार्डकोर नक्सली अजय कानू को गोपनीय तरीके से भागलपुर से बेऊर जेल शिफ्ट करा दिया गया है। विशेष केंद्रीय कारा प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अजय कानू को कड़ी सुरक्षा घेरे में पटना के बेऊर जेल भेज दिया। प्रशासनिक आदेश पर अजय को बीते साल बेऊर जेल से भागलपुर की विशेष केंद्रीय कारा लया गया था।

खूंखार नक्सली अजय कानू 13 नवंबर 2005 को जहानाबाद में हुए जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड रहा है। इसके सिर पर अनेकों जघन्य अपराधों के इल्जाम हैं। जहानाबाद जेलब्रेक 13 नवंबर को तब घटी थी जब तीसरे चरण का मतदान पुलिस और प्रशासनिक अमले संपन्न करवा रहे थे। जहानाबाद में तब रात नौ बजे जेल के मुख्य द्वार को एक तीब्र धमाके से झटके में उड़ा दिया गया था। मशीनगन समेत कई घातक हथियारों से लैस करीब एक हजार नक्सलियों ने जेल पर हमला बोल तीन सौ से अधिक बंदियों को छुड़ा ले गए थे। जिनमें अधिकांश नक्सली समर्थक थे। वारदात ऐसी थी कि दिल्ली और पटना में बैठे सक्षम अधिकारियों की नींद उड़ गई थी। यह नक्सली संगठनों की तरफ से फूंकी गई युद्ध की मुनादी जैसी थी।

बम के धमाकों और गोलियों की तड़तड़ाहट से तब थर्राउठा था जहानाबाद

जहानाबाद जेल, पुलिस लाइन, जिला जज आवास, सहजानंद कालेज पर एक साथ फायङ्क्षरग हुई थी। धड़ाधड़ बम फेंके जाने लगे थे। जहानाबाद का अंधेरे आसमान में तब आतिशबाजी होने लगी थी।कभी भागलपुर में प्रमंडलीय आयुक्त रहे तत्कालीन गृह सचिव हेमचन्द्र सिरोही ने खुद मानिटङ्क्षरग कर हथियारों को लूटने की नक्सलियों की कोशिशवको नाकाम करा दिया था। अजय पर बड़े शर्मा समेत कई रणवीर सेना समर्थकों की हत्या और पुलिस से मुठभेड का इल्जाम है। बेउर जेल में उसकी गतिविधियों की निगरानी करने और उसकी गतिविधि संदिग्ध होने पर उसे वहां से हटाया गया है। उसने पूर्व ।में बेउर जेल उड़ाने की धमकी दे प्रशासन और जिला प्रशासन तथा पुलिस मुख्यालय की ङ्क्षचता बढ़ दी थी

मुजफ्फरपुर जेल से राकेश महतों समेत कई कुख्यात लाए गए भागलपुर

मुजफ्फरपुर में रंगदारी, लूट समेत शराब तस्करी के संगठित गिरोह चलाने वाले कुख्यात राकेश महतों उर्फ राजीव रंजन समेत छह कुख्यात को मुजफ्फरपुर जेल से कड़ी सुरक्षा घेरे में शनिवार को भागलपुर लाया गया। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी और एसएसपी की रिपोर्ट पर जेल आइजी ने छह माह के प्रशासनिक आदेश पर उन्हें भागलपुर भेजा है। यहां कड़ी सुरक्षा तलाशी बाद उन्हें अति सुरक्षित टी-सेल में डाल दिया गया है। मुजफ्फरपुर जेल के कर्मियों को इन बदमाशों ने बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दे रखी थी। जिन बदमाशों को यहां लाया गया है उनमें राकेश महतो के अलावा रामाकांत पासवान, भोला कुमार, मनोज कुमार, शांतनु कुमार ङ्क्षसह, जयप्रकाश कुमार तिवारी और रौशन ङ्क्षसह शामिल है। उधर शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर जेल के अधीक्षक ब्रजेश ङ्क्षसह मेहता ने विचाराधीन बंदी प्रशांत गौरव को न्यायालय के निर्देश पर विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर भेजने का आदेश दिया है।