आलोक कुमार मिश्रा, भागलपुर। भारतीय रेल : फरक्का एक्सप्रेस के लिए उपलब्ध कराई गई एलएचबी की रैक को विक्रमशिला एक्सप्रेस में जोड़कर चलाई जाएगी। आगामी चार जुलाई से फरक्का एक्सप्रेस के पुराने रैक को हटाकर कर एलएचबी कोच जोड़कर चलना था। लेकिन अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारी युवाओं ने विक्रमशिला एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस और जयनगर-भागलपुर एक्सप्रेस में आग लगा दी।

आगजनी में इंजन सहित विक्रमशिला एक्सप्रेस की सभी 22 कोच, जयनगर-भागलपुर एक्सप्रेस की छह बोगियां, फरक्का एक्सप्रेस और अमरनाथ एक्सप्रेस की सात-सात बोगियां जलकर खाक हो गई। इसकी वजह से ट्रेन परिचालन में दिक्क्तें खड़ी हो गई है। विक्रमशिला की तीन रैक है, जिसमे एक रैक पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। साथ ही जनसेवा का एक ही रैक होने की वजह से इस ट्रेन को प्रतिदिन चलाने की समस्या खड़ी हो गई। फरक्का एक्सप्रेस के पुराने रैक को हटाकर आगामी चार जुलाई से एलएचबी कोच जोड़कर इस ट्रेन को चलाने की दिशा में पूरी तैयारी कर ली गई थी। मालदा मंडल को रेलवे मंत्रालय से एलएचबी 22 कोच की आपूर्ति भी कर दी गई है। लेकिन योजना में बदलाव किया गया है।

आगजनी की घटना में इंजन सहित 22 कोच जलकर खाक होने की स्थिति में महत्वपूर्ण ट्रेन होने के कारण फरक्का एक्सप्रेस के लिए उपलब्ध कराई गई एलएचबी रैक अब विक्रमशिला एक्सप्रेस में जोड़कर चलाने की योजना है। जबकि फरक्का एक्सप्रेस को क्षतिग्रस्त सात बोगियों को हटाकर इंटीग्रल कोच (आइसीएसएफ) ही लगाकर चलाई जाएगी। इसी तरह जनसेवा एक्सप्रेस और भागलपुर-जयनगर एक्सप्रेस की भी क्षतिग्रस्त बोगियों को हटाकर इंटीग्रल कोच ही जोड़कर चलेगी।

  • -चार जुलाई से फरक्का एक्सप्रेस के पुराने रैक को हटाकर कर एलएचबी कोच जोड़कर चलाने पर चल रहा था काम
  • -मंत्रालय से मालदा मंडल को आपूर्ति भी हो चुकी है एलएचबी रैक
  • -आगजनी में इंजन सहित विक्रमशिला एक्सप्रेस की सभी 22 कोच, जयनगर-भागलपुर एक्सप्रेस की छह बोगियां, फरक्का और अमरनाथ एक्सप्रेस की सात-सात बोगियां जलकर खाक
  • -घटना के बाद योजना में बदलाव किया गया बदलाव कर फरक्का एक्सप्रेस के लिए उपलब्ध एलएचबी रैक विक्रमशिला एक्सप्रेस में जुटेगी
  • -फिलहाल फरक्का एक्सप्रेस को क्षतिग्रस्त सात बोगियों को हटाकर इंटीग्रल कोच ही लगाकर चलाई जाएगी
  • -विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित पांच ट्रेनों को आग के हवाले करने से पूर्व रेलवे 700-800 करोड़ राजस्व का नुकसान का अनुमान है।
  • -एक इंजन के निर्माण में 105 करोड़, एक एसी कोच की लागत 4.5 करोड़ और एक स्लीपर कोच की लागत तीन करोड़

वहीं, भागलपुर से चलने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस नार्दन रेलवे की गाड़ी है। नार्दन रेलवे को इस ट्रेन के संबंध में निर्णय लेना है। इससे पूर्व रेलवे के राजस्व को भारी नुकसान हुआ है। इधर, विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित पांच ट्रेनों को आग के हवाले करने से पूर्व रेलवे 700-800 करोड़ राजस्व के नुकसान का अनुमान है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार विक्रमशिला एक्सप्रेस की एलएचबी कोच लगी है। इंजन के निर्माण में 105 करोड़, एक एसी कोच की लागत 4.5 करोड़ और एक स्लीपर कोच की लागत तीन करोड़ है। इसी तरह फरक्का एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस की इंजन की लागत भी 105 है। जबकि एसी कोच की लागत तीन करोड़ व स्लीपर की दो से ढाई करोड़ है।

ट्रेनों में आग लगाने रेलवे को अरबों के राजस्व का नुकसान हुआ है। मुख्यालय का निर्देश मिलने के बाद ही फरक्का एक्सप्रेस के लिए उपलब्ध एलएचबी रैक को विक्रमशिला एक्सप्रेस में जोड़कर चलाई जाएगी। -पवन कुमार, सीनियर डीसीएम एवं सीपीआरओ मालदा मंडल।

Edited By: Dilip Kumar Shukla