जागरण संवाददाता, भागलपुर। 13 अप्रैल की रात दानापुर से चलकर भागलपुर आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस स्पेशल में हुई डकैती और पथराव की घटना का पर्दाफाश रेल पुलिस की एसआइटी टीम ने कर दिया है। रतनपुर और बरियारपुर के बीच ऋषि कुंड हॉल्ट पर ट्रेन को रोकने के लिए डकैतों ने दो रुपये के सिक्का का इस्तेमाल किया था। रेलवे ट्रैक पर डकैतों ने सिक्का रखकर सिग्नल को लाल कर दिया था। इसके बाद 15 की संख्या में रहे डकैतों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था।

शनिवार को एसआइटी ने इस मामले में घटना में शामिल दो लुटेरों को भी दबोचा है। इसके पास से रोकने में इस्तेमाल किए गए दो रुपये का सिक्का, एक हजार नकद, जूता और बेग की बरामदगी की है। इंटरसिटी में हुई घटना के बाद रेल एसपी आमिर जावेद ने रेल डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में विशेष एसआईटी टीम का गठन किया था। इसमें भागलपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, डीआईयू प्रभारी सुधीर कुमार सिंह, जमालपुर रेल थाना प्रभारी अरविंद कुमार सहित दो और पदाधिकारियों को शामिल किया गया था। घटना के चार दिन बाद विशेष टीम ने मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के पड़िया टोला निवासी सुमन कुमार उर्फ विकास कुमार और बरेल बाजार निवासी किशोर हिमांशु कुमार उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया। में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। रेल एसपी ने कहा कि इस घटना में शामिल सभी बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सिग्नल प्वाइंट के पास सिक्का रखा था

पुलिस को गिरफ्तार हुए दोनों बदमाशों ने बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसे ही रतनपुर स्टेशन से खुली तो अन्य साथियों के साथ ऋषि कुंड हॉल्ट पर सिग्नल प्वाइंट पर दो रुपये का सिक्का रख दिया था। ट्रेन जैसे ही सिक्के से गुजरी तो सिग्नल लाल हो गया और गाड़ी खड़ी हो गई। इसके बाद सभी बदमाश अलग-अलग कोच में चले गए।

Edited By: Abhishek Kumar