जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर से डिब्रूगढ़ के बीच रेल संपर्क बंद हो जाने से व्यापार पर असर पड़ा है। यहां के यात्रियों और व्यापारियों को डिब्रूगढ़ जाने और वहां से सामान मंगवाने में परेशानी हो रही है। वर्षों तक डिब्रगूढ़ तक सिल्क सिटी के लोग भागलपुर से ही ट्रेन से सफर करते थे। अभी पटना या दूसरे शहर से ट्रेन से सफर करने को मजबूर हैं। भागलपुर से डिब्रूगढ़ के बीच ट्रेन परिचालन की मांग फिर से उठने लगी है। दरअसल, भागलपुर के रास्ते डिब्रूगढ़-दिल्ली के बीच ब्रह्मपुत्र मेल ही एक मात्र ट्रेन थी। दिसंबर 2020 में इस ट्रेन का परिचालन कामख्या से दिल्ली के बीच कर दिया गया। अभी ब्रह्मपुत्र मेल कामख्या-दिल्ली के बीच ही चल रही है। इस वजह से भागलपुर से डिब्रूगढ़ का संपर्क पूरी तरह बंद हो गया।

हर माह आता था मलवरी रेशम धागा

सिल्क नगरी में आसाम के जिलों से ही मलवरी रेशम धागा की आपूर्ति होती है। इस धागे से रेशम के कपड़े तैयार होते थे। हर माह छह से सात क्विंटल धागा भागलपुर पहुंचता था। इसकी कीमत छह से सात लाख रुपये है। डिब्रूगढ़ से ट्रेन बंद होने के कारण यहां के सिल्क कारोबारियों को ट्रांसपोर्ट या दूसरी स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा सुपारी, हस्तकरघा, बेंत से बने फर्नीचर भी पूर्वोत्तर भारत से शहर में आपूर्ति होती थी। बिहार बुनकर कल्याण समिति के सदस्य हलीम अंसारी ने भागलपुर से डिब्रगूढ़ के बीच ट्रेन से बहाल करने की मांग की। इन्होंने बताया कि ट्रेन के चलने से सिल्क कारोबारियों को सहूलियत होती थी।

व्यापारियों ने बुलंद की आवाज

भागलपुर से डिब्रूगढ़ के बीच ट्रेन सेवा बहाल करने की आवाज अब तेज होेने लगी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक भिवानीवाला, कपड़ा व्यापारी कुंज बिहारी झुनझुनवाला, इस्टर्न बिहार रेडिमेड एसोसिएशन के सचिव अश्विन जोशी मोंटी, कपड़ा व्यवसायी मानव केजरीवाल, जॉनी संथालिया, सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रंजन केसरी सहित अन्य कारोबारियों ने भागलपुर से डिब्रूगढ़ के बीच ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सह सीइओ, पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और मालदा डीआरएम से की है।

ब्रह्मपुत्र मेल का परिचालन भागलपुर से डिब्रगूढ के बीच होने से यात्रियों के साथ-साथ यहां के व्यापारियों को काफी सहूलियत होती थी। अब परिचालन बंद होने से दूसरे शहर या स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। भागलपुर से डिब्रगढ़ के बीच ट्रेन चलाने की जरूरत है। इस पर रेल मंत्रालय को ध्यान देना चाहिए। -अभिषेक जैन, सदस्य, डीआरयूसीसी, मालदा रेल मंडल।

 

Edited By: Dilip Kumar Shukla