प्रतिदिन हेडमास्टर कर रहे मोबाइल की पूजा... प्लीज नेटवर्क गायब नहीं करना, प्रधानाध्यापकों को देना पड़ रहा स्पष्टीकरण
प्रारंभिक विद्यालयों में संचालित प्रधानमंत्री पोषण योजना की लगातार निगरारी हो रही है। आइभीआरएस सिस्टम की व्यवस्था की गई है। लेकिन मोबाइल नेटवर्क के दगा देने पर प्रधानाध्यापक काफी परेशान हो रहे हैं। वे रिपोर्ट नहीं भेज पाते। इस कारण उन्हें स्पष्टीकरण देना पड़ता है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। मोबाइल टावर की बेरूखी अब प्रधानाध्यापकों पर भारी पडऩे लगी है। मोबाइल टावर गुम होने पर प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण का जवाब देना पड़ता है। जी हां, जिला के प्रारंभिक विद्यालयों में संचालित प्रधानमंत्री पोषण योजना की निगरानी के लिए विभागीय द्वारा आइभीआरएस सिस्टम की व्यवस्था की गई है। सुदूर क्षेत्रों में अवस्थित विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण आइभीआरएस सिस्टम प्रधानाध्यापकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
विद्यालय में पोषण योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी जैसे प्रतिदिन विद्यालय में पोषण योजना से लाभान्वित छात्र छात्राओं की संख्या, चावल और राशि की उपलब्धता आदि की जानकारी विभाग द्वारा प्रधानाध्यापकों से प्रतिदिन उनके मोबाइल नंबर पर फोन कर आइभीआरएस द्वारा प्राप्त की जाती है। इस संबंध में जिले के काफी संख्या में प्रधानाध्यापकों को विभाग द्वारा फोन नहीं उठाये जाने, जवाब नहीं दिए जाने आदि आरोप के कारण स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस पर प्रधानाध्यापक सुबह-सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल की पूजा करते हैं। कहते हैं नेटवर्क की रक्षा करना। अगर नेटवर्क नहीं रहा तो रिपोर्ट नहीं भेज पाएंगे और स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। जगदीशपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय चैनचक के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपेश चंद्र दास ने बताया कि उनके विद्यालय में बीएसएनल का नेटवर्क नहीं आता है। जब चैनचक से पुरैनी पहुंचते हूं, तब मोबाइल में नेटवर्क आता है।
मोबाइल नेटवर्क की कमजोरी के कारण हमें परेशानी हो रही है। प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष शेखर गुप्ता ने कहा कि प्रधानाध्यापकों के लिए पोषण योजना परेशानी का सबब बन गई है। कई प्रधानाध्यापक फोन से चिपके घूमने फिरने के लिए विवश हैं तो काफी संख्या में प्रधानाध्यापक बैंकों और कंप्यूटर सेंटर का चक्कर लगाने को विवश हैं। मध्याह्न भोजन प्रखंड साधनसेवी का भी सहयोग प्रधानाध्यापकों को नहीं मिल पाता है।
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