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    German shepherd: मांस नहीं साग सब्जी खाकर पांच फीट की ऊंची छलांग लगाती है खूंखार जेनी, देखिए वीडियो

    By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 30 Mar 2021 09:30 PM (IST)

    German shepherd कुत्‍ता मांसाहारी होता है। लेकिन भागलपुर में एक जर्मन शेफर्ड है जिसके बारे में अगर आप जानेंगे तो आपकी यह धारण गलत हो जाएगी कि सभी कुत्‍ते मांसाहारी होते हैं। जानिए उसके बारे में। देखिए वीडियो और तस्‍वीर।

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    भागलपुर में एक German shepherd है, जो शाकाहारी है।

    भागलपुर [बलराम मिश्र]। German shepherd: सुनकर थोड़ा आश्चर्य लगेगा लेकिन विश्व के टॉप नस्ल में शुमार जर्मन शेफर्ड मांस खाकर नहीं शाकाहारी खाना खाकर खूंखार बना है। जिसे देख अच्छे अच्छों की बोलती बंद हो जाती है। भागलपुर के चंपानगर स्थित कोशकी नाथ झा लेन निवासी राजकुमार मिश्र ने खुद की तरह अपने कुत्ते (जर्मन शेफर्ड) को पूरी तरह से शाकाहारी बनाया है। बकौल श्री मिश्र उनका पूरा परिवार पूर्णताः शाकाहारी है। इस कारण उन्होंने अपने कुत्ते को भी शाकाहारी बना दिया। जेनी अप्रेल में दो साल की हो जाएगी।

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    बेटे देते हैं ट्रेनिंग

    श्री मिश्रा ने बताया कि जेनी के देखरेख का जिम्मा उनके बेटों आदित्य (सुंदरम), ध्रुव, भाई कृष्णा समेत अन्य घरों के सदस्यों पर है। वे लोग ही जेनी को ट्रेनिंग देते हैं। आदित्य ने बताया उसे वे लोग दो माह की उम्र में उसे लेकर आए थे।

    जर्मन शेफर्ड पालने का नहीं था अनुभव

    उन लोगों ने पहले भी कुत्तों की कई नस्लों को पाला था। लेकिन जर्मन शेफर्ड का अनुभव नहीं था। बताया कि उनका परिवार पूरी तरह से शाकाहारी है। जबकि जर्मन शेफर्ड जैसे नस्ल के कुत्तों को मजबूती देने के लिए मांसाहारी भोजन देने की बात लोग बताते थे।

    बचपन से ही लगाई है आदत

    ऐसी स्थिति में उनके लिए ऐसे कुत्ते को शाकाहारी बनाकर पालना एक बड़ी चुनौती थी। घर में सभी लोगों ने कहा कि यह बिना मांसाहारी खाने के नहीं रह सकेगा। किंतु उन लोगों ने सबसे पहले जेनी को कच्चे साग सब्जी और फल देना शुरू किया किया। कुछ दिन जेनी दिया हुआ दूध रोटी, दही छोड़ देती थी। लेकिन धीरे-धीरे उसने फल और सब्जियों का सेवन शुरू कर दिया।   

    फेवरेट है गाजर और नारियल

    कृष्णा ने बताया कि जेनी को खाने में सबसे ज्यादा गाजर और नारियल पसंद है। इसके अलावा वह पत्ता गोभी, पालक, सेब, अंगूर, नारंगी, केला, दही और अन्य बड़े चाव से खाती है। वे लोग उसे शाकाहारी पेडिग्री भी देते हैं।

    आसानी से लगा लेती छः फीट की ऊंची छलांग

    उन्होंने बताया कि यह बस कहने की बात होती है कि मांसाहार के बिना कुत्ते नहीं रह सकते  जेनी शाकाहारी खाना खाकर ही बहुत ही तेज तर्रार और खूंखार है। उन्होंने बताया कि वह आसानी से पांच फीट और इससे ज्यादा ऊंची छलांग लगा लेती है।

    घर के सदस्यों की तरह है जेनी

    आदित्य ने बताया कि जेनी अब घर के सदस्यों की तरह है। उन लोगों ने पिछले वर्ष जेनी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। इस बार भी जेनी के जन्मदिन पर केक काटा जाएगा। उसने बताया घर के आसपास किसी भी अन्य जानवर को फटकने नहीं देती है। वे लोग जिस कमरे में सोते हैं, वहीं जेनी भी सोती है। सुबह-सुबह जेनी ही बिस्तर पर पैर रखकर आवाज के साथ उन लोगों को उठाती भी है।

    बचपन में सीढ़ियों पर भी चढ़ने से डरती थी जेनी

    जेनी बचपन में सीढ़ियों पर भी चढ़ने से डरती थी। उसे जब जबरदस्ती सीढ़ियों पर चढ़ाया जाता था तो वह भाग जाती है। कई बार इस दौरान उसे चोटें भी आई। लेकिन लगातार आदत दिलाने के लिए उसे सीढ़ियों पर चढ़ाया जाता था। जब वह सीढ़ियों पर नहीं नहीं चढ़ती तो गोद में लेकर उसे छत पर ले जाते थे। अब वह पलक झपकते ही दर्जनों सीढियां आसानी से पार कर जाती है।