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    827 हेड टीचर के नियुक्ति के बाद भी भागलपुर में 157 सीट खाली, शिक्षा विभाग ने सूची की सार्वजनिक

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:04 PM (IST)

    भागलपुर प्रमंडल के प्राइमरी स्कूलों में हेडमास्टर के 686 पद खाली हैं जिनमें भागलपुर में 157 और बांका में 529 पद हैं। नियुक्तियों के बाद भी रिक्तियां हैं। दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों के लिए भी पद खाली हैं। नवनियुक्त हेडमास्टरों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके।

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    827 हेड टीचर के नियुक्ति के बाद भी जिले में 157 सीट खाली। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। प्राइमरी स्कूलों में प्रधान शिक्षकों के लिए भागलपुर प्रमंडल में कुल 686 सीट खाली है। जिसमें भागलपुर जिले में 157 और बांका जिले में 529 सीटें हैं।

    मुख्यालय स्तर से राज्य भर के प्राथमिक विद्यालयों के लिए पिछले दिनों के टीचर की नियुक्ति की गई थी। जिसमें भागलपुर जिले में 827 हेट टीचर की नियुक्ति हुई है। इसके बावजूद भी रिक्तियां रह गई है।

    भागलपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षकों के खाली सीटों की बात करें तो सामान्य कोटे के 35, सामान्य कोटे महिला 22, ईडब्ल्यूएस 28 ईडब्ल्यूएस महिला 10, बीसी 8, बीसी महिला 6, ईबीसी 25, ईबीसी महिला 12, एससी 26 और एससी की 19 सीटें खाली है।

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    दिव्यांग कोटे में कुल 17 पद खाली

    इसके अलावा दिव्यांग कोटे में कुल 17 पद खाली है। जबकि स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों के लिए 11 सीट खाली है। वहीं राज्य भर की बात करें तो राज्य भर में कुल 9257 सीट खाली है। जिसमें सामान्य कोटे की 3288 सीटें रिक्त है।

    वहीं, राज्य भर में दिव्यांग कोटे से प्रधान शिक्षकों के लिए 998 जबकि स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों के लिए 680 सीटें खाली है। जिले में जो प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, उनके द्वारा स्कूल प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए सोमवार से प्रशिक्षण भी दिया जाना है।

    इसको लेकर पूर्व में ही पत्र जारी कर दिया गया है। राज्य शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यह प्रशिक्षण देगा।

    इसमें प्रधान शिक्षकों को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना विद्यालय प्रबंधन कौशल, नवीनतम शिक्षण तकनीकें, अनिवार्य भागीदारी मूल्यांकन और कार्रवाई जैसे कई चीजों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिस स्कूल बेहतर काम कर सके और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को दे सके।