त्रिभुवन चौधरी, हेमजापुर (मुंगेर) : 'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।'  इन लाइनों को चरितार्थ कर दिखाया है शिवकुंड की निशा ने। महिला सशक्तिकरण के इस दौर में निशा से बढ़कर कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिल सकता। निशा मुंगेर जिले के शिवकुंड पंचायत में विकास और उन्नति के पिछड़ेपन के अंधेरे को मिटाने के लिए पंचायत महासमर में कूद पड़ी। जनता ने सहानुभूति और संवेदना प्रदर्शित करते हुए निशा का साथ दिया और नतीजनत निशा ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इन सबों के बीच दिव्यांग निशा और उसके पति चिंटू के हौसले को लोगों ने सलाम किया।

जीविका समूह से जुड़ी है निशा

शिवकुंड पंचायत से पंचायत समिति सदस्य पद पर निर्वाचित निशा जीविका समूह से भी जुड़ी हुई है। जीविका समूह ने इन द दिव्यांग दंपती को जीविकोपार्जन के लिए दुकान खोलने की अनुमति दिलवाया। पति ङ्क्षचटू भी दिव्यांग हैं। चिंटू की दिव्यांगता 99 प्रतिशत, जबकि निशा की दिव्यांगता 65 प्रतिशत है। 13 नवंबर को धरहरा में हुई पंचायत चुनाव की मुंगेर में मतगणना के दौरान निशा को कुल 1112 वोट मिले। चुनाव में कुल छह पंचायत समिति सदस्य पद के उम्मीदवार खड़े थे।

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जनता ने दिया पूरा साथ

पंचायत समिति सदस्य पद से निर्वाचित निशा ने बताया कि पति भी पूरी तरह से दिव्यांग हैं। दोनों ठीक से खड़ा नहीं हो सकते। ऐसे में रोजी-रोजगार की संभावना भी कम ही है। शिवकुंड पंचायत में विकास की गति को तेज करने के लिए हुए चुनाव मैदान में कूद पड़ी। घर-घर वोट मांगने गई। इस दौरान जनता ने उन्हें पूरा सहयोग एवं समर्थन देने की बात कही। निर्वाचित होने के बाद अब एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है, इसे ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करेंगे।

Edited By: Shivam Bajpai