विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhagalpur Bridge Collapse: CM नीतीश कुमार का ड्रीम पु‍ल भरभराकर गंगा नदी में गिरा, देखें Video; एक गार्ड लापता

By Jagran NewsEdited By: Prateek Jain
Published: Sun, 04 Jun 2023 06:48 PM (IST)Updated: Sun, 04 Jun 2023 07:47 PM (IST)

Bihar Bridge Collapse latest Update in Hindi अगुवानी-सुल्तानगंज निर्माणाधीन पुल के तीन पिलर फिर से गिर गए जिससे लगभग 100 ...और पढ़ें

Bhagalpur: भरभराकार गिरा अगुवानी-सुल्तानगंज पुल, तीन पिलर फिर से गिरे; नदी में समाया मलबा
Bhagalpur: भरभराकार गिरा अगुवानी-सुल्तानगंज पुल, तीन पिलर फिर से गिरे; नदी में समाया मलबा

HighLights

  1. रविवार होने के कारण बंद था निर्माणाधीन अगुवानी-सुल्तानगंज पुल का काम
  2. पिछली बार 9 अप्रैल, 2022 की रात में ढहे थे निर्माणाधीन पुल के 36 स्पैन
  3. विधायक ने कंपनी पर लगाया घट‍िया निर्माण का आरोप

जागरण संवाददाता, भागलपुर: उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच गंगा नदी पर 1710.77 करोड़ की लागत से बन रहा फोरलेन पुल रविवार शाम 6.15 बजे अचानक भरभराकर गंगा नदी में समा गया। इस घटना में एक गार्ड के लापता होने की सूचना है। 

अगुवानी की ओर से पिलर संख्या 10, 11, 12 और निर्माणाधीन आधा 13 नंबर पिलर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। तीनों पिलर एक-दूसरे से लिवर से जुड़े थे। इसके 120 से अधिक स्पैन ढहे हैं। 

मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से मामले की विस्तृत जानकारी ली है। पुल के सुपर स्ट्रक्चर गिरने की घटना की विस्तृत जांच कराने के बाद दोषियों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि रविवार होने के कारण तीनों पिलरों पर काम नहीं चल रहा था। इस कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लोग एक गार्ड के लापता होने की बात कह रहे हैं। इस बीच अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच नाव सेवा को भी बंद करा दिया गया है।

इधर, पुल बना रही एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आलोक कुमार झा ने बताया कि पाया नंबर 10 से 12 तक के सेगमेंट पायों के साथ गिरकर नदी में समा गए हैं। पुल निर्माण कंपनी को काफी क्षति हुई है। 

खगड़िया डीएम अमित कुमार पांडेय ने कहा कि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। अधिकारी को घटनास्थल पर भेजा गया है। मिसिंग चेक कर रहे हैं।

2022 में गिरे थे 36 स्‍पैन

इससे पहले पिछले साल, 29 अप्रैल की रात आंधी आने के कारण पिलर संख्या पांच से चार और छह को जोड़ने वाले सुपरस्ट्रक्चर के 36 स्पैन गिर गए थे। एक साल बाद भी वह काम दोबारा शुरू नहीं हो पाया है। इसकी जांच आईआईटी रुड़की की टीम द्वारा की जा रही है।

सुल्तानगंज-अगुवानी पुल का निर्माण कार्य आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। अभी पुल निर्माण शुरू होने के बाद आठ वर्ष से अधिक का समय बीत गया है। पुल 2019 में ही बनकर तैयार होना था। अंतिम डेडलाइन 31 दिसंबर, 2023 की दी गई थी। अब पुल निर्माण में दो-तीन साल का विलंब होने की आशंका है।

पिलर संख्या 10 के फटने से ढहा पुल  

स्थानीय लोगों के अनुसार पिलर संख्या 10, जिसपर डॉल्फिन पर्यवेक्षण केंद्र बनना था, वह बीच से फटते हुए अपने साथ तीन और पिलरों को लेकर गिर गया।

अब तक की डेडलाइन 

पहली 01 नवंबर, 2019
दूसरी 20 दिसंबर, 2020
तीसरी 30 जून, 2021
चौथी 30 मार्च, 2022
पांचवीं  30 दिसंबर, 2022
छठवीं 30 मार्च, 2023
सातवीं(संभावित) 30 जून, 2023
आठवीं (संभावित) 31 दिसंबर, 2023

एक नजर में पुल

पुल की लंबाई : 3.17 किलोमीटर का फोरलेन पुल

पुल की लागत : 1710.77 करोड़ 

काम शुरू हुआ : दो मई, 2015 से पिलर संख्या 10 पर डॉल्फिन पर्यवेक्षण केंद्र का भी होना था निर्माण। पुल के पहुंच पथ का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

इस पुल की क्वालिटी को लेकर विधानसभा में भी मैंने सवाल उठाए थे। अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहां निर्माण कंपनी एसपी सिंगला की ओर से क्वालिटी का काम नहीं किया गया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। - डॉ. संजीव कुमार, विधायक, परबत्ता (खगड़िया)

पुल नहीं, बिहार का जनता का विश्वास गिरा है। दो-दो बार निर्माणाधीन पुल का भरभराकर गिरना प्रमाणित करता है कि भ्रष्टाचार हुआ है। पिछली बार आंधी से पुल गिरने पर पूरे देश में बिहार की बदनामी हुई थी। जांच का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई। निर्माण में गुणवत्ता से खिलवाड़ हुआ है और इसके पीछे कमीशनखोरी है। कुछ खास कंपनी को ही हर जगह नीतीश कुमार काम क्यों देते हैं? इसमें व्याप्त प्राक्कलन घोटाला, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच हो। - ई. शैलेंद्र, विधायक, बिहपुर (भागलपुर)

दो बार पुल के पाये गिरने की घटना हो चुकी है। इसके बाद भी निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला को ब्लैक लिस्ट नहीं करना सरकार की नाकामी है। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। तत्काल पुल निर्माण का काम दूसरी एजेंसी को दिया जाना चाहिए। - विजय कुमार सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान सभा