भागलपुर [दिलीप कुमार शुक्ला]। भारतीय जनता पार्टी के भागलपुर जिलाध्‍यक्ष रोहित पांडेय सोशल साइट (Social site) पर सक्रिय नहीं रहते। हालांकि सोशल साइट के नाम पर उनके पास एक अपना फेसबुक आइडी (Facebook ID) है। इसके अलावा Rohit pandey नाम से एक फेसबुक पेज और एक ट्विटर (Twitter) एकाउंट है। वे काफी संभलकर अपना सोशल साइट चलाते हैं। कभी-कभार पोस्‍ट करते हैं। उनका कोई भी पोस्‍ट किसी के विरोध में नहीं होता है। उनके सारे पोस्ट भाजपा, हिन्दुत्व, आरएसएस, भारत माता और देशभक्ति आदि पर आधारित होते हैं। लेकिन इन दिनों 'भागलपुर मांगे रोहित पांडेय' नाम से एक फेसबुक आइडी अचानक दिखने लगा है। इस आईडी लगातार फ्रेंड रिक्‍यूएस्‍ट भेजे जा रहे हैं। इसकी प्रोफाइल और Cover फोटो में राेहित पांडेय की तस्वीर है।

इसकी जानकारी रोहित पांडेय को होने पर वे काफी दुखी हो गए। उन्होंने कहा कि यह जिन्‍होंने भी किया वह उचित नहीं है। हालांकि इस फेसबुक आईडी पर उनके समर्थन में कई पोस्‍ट हैं। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे वे काफी आहत हैं और धमकी भरे लहजों में कहा कि वे चाहते हैं कि खुद को पूरी तरह से सोशल साइट से दूर कर लें। उन्होंने कहा वे प्रसिद्ध‍ि से दूर रहते हैं। वे सिर्फ काम करते हैं। उन्‍हें जो भी जिम्मेदारी मिलती है, वे इसे इस तरह निभाते हैं कि किसी को पता भी नहीं चले।

राजनीतिक के चौसर पर चौधराहट दिखाने वालों ने फेंका पासा

अंग नगरी की नरम-गरम राजनीति में सेवा भाव दिखाकर चमकने वाले नेताओं को निशाना बनाना नई बात नहीं। यहां की राजनीति को जिले में या जिले से बाहर रहने वाले घाघ नेताओं को जब-जब अपने राजनीतिक वजूद पर ग्रहण नजर आने लगता, ऐसा कदम उठाते रहे हैं। अंग की राजनीति में ऐसे घाघ नेताओं का पहला निशाना सौम्य स्वभाव वाले भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय बने हैं। शुरुआत उनसे हुई। उनके नाम से फर्जी तरीके से फेसबुक अकाउंट खोलकर भागलपुर मांगे रोहित पांडेय नाम से फेसबुक आईडी बनाई गई है। इससे फ्रेंड रिक्यूएस्ट भेजा जा रहा है। बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल है।

इसकी जानकारी होने पर रोहित पांडेय के समर्थक नेताओं की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। दरअसल राजनीति में घाघ कहे जाने वाले कुछ नेताओं को ऐसा लगने लगा कि रोहित पांडेय रास्ते के कांटा बन सकते हैं। इनके सामाजिक सरोकार और राजनीतिक समझ लोगों को आकर्षित करने लगता। उनके सरल और आम लोगों में सहज घुलमिल जाने वाले स्वभाव। सर्वसुलभ होना उन्हें लोकप्रिय बना रही है। ऐसी लोकप्रियता से इतर रोहित अपने संगठन का काम करते जा रहे हैं। जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को संगठन में तरजीह लोगों से मिलने वाले फिडबैक के जरिए देते हैं। यह तरीका उन नेताओं को खटकने लगा है जो अपनी बादशाहत का सिक्का संगठन में चलाने की सोच रखते हैं। चुकी रोहित का प्रभाव कार्यकर्ताओं और आमलोगों में बेहतर है इसलिए उनका प्रभाव उनकी छवि बिगाडऩे का यह भोथरा प्रयास शुरू किया गया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय ने कहा फर्जी आईडी

रोहित पांडेय ने भी राजनीतिक मर्यादा में रहते हुए अपना पक्ष रखा। कहा कि उनके नाम की वह फर्जी अकाउंट किसी ने खोली है। उनका उससे कोई नाता नहीं। मेरे नाम से फर्जी तरीके से फेसबुक अकाउंट बनाकर जिस किसी ने भी ऐसा किया है वे उसे नहीं जानते। लेकिन जो तरीका उसने अख्तियार किया वह हमारे संस्कार के विपरीत है। 'भागलपुर मांगे रोहित पांडेय' नाम से बीते दो दिनों से जारी किये जा रहे पोस्ट पर भागलपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। रोहित पांडेय ने कहा कि मैं भी जब राजनीति में हूं तो मेरी भी राजनीतिक महत्वकांक्षा होगी। लेकिन उस महत्वकांक्षा पूरी करने का यह तरीका मेरे संस्कार से सर्वथा विपरीत है। मैं राजनीति से नाता तोडऩा पसंद करूंगा लेकिन ऐसी ओछी हरकत और छिछला तरीका अपनी बात रखने या प्रचारित करने का कदापि नहीं अपनाऊंगा। अगर जाने-अनजाने में मेरे किसी समर्थक ने ऐसा किया है तो उनसे मेरी प्रार्थना है कि वह जिले या जिले से बाहर की राजनीति में मौजूद उन नेताओं के साथ अपनी प्रतिबद्धता जोड़े। क्‍योंकि मेरे राजनीतिक जीवन या निजी जीवन या संस्कार इस तरह की कारगुजारियों की इजाजत नहीं देता। यदि जाने-अनजाने में किसी ने ऐसी हरकत की तो उनके लिए भी साफ संदेश है कि ऐसी हरकतों से मेरा कोई नुकसान नहीं होने वाला। क्योंकि हमारा राजनीतिक करिअर की शुरुआत राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ की सरजमीं से हुई है। मेरा मुकाम बसुधैव कुटुंबकम है।

Posted By: Dilip Shukla

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