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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में डबल मर्डर से दहशत- बेखौफ अपराधियों ने पिता-पुत्र को सरेआम गोलियों से भून डाला

By Amit AlokEdited By:
Published: Sun, 16 Feb 2020 12:28 PM (IST)Updated: Sun, 16 Feb 2020 10:39 PM (IST)

बिहार के सहरसा में बड़ी वारदात हुई है। वहां पिता व पुत्र को अपराधियों ने गोलियों से भून डाला है। ...और पढ़ें

बिहार में डबल मर्डर से दहशत- बेखौफ अपराधियों ने पिता-पुत्र को सरेआम गोलियों से भून डाला
बिहार में डबल मर्डर से दहशत- बेखौफ अपराधियों ने पिता-पुत्र को सरेआम गोलियों से भून डाला

सहरसा, जेएनएन। बिहार एक बार फिर डबल मर्डर (Double Murder) से दहशत में है। सहरसा में अज्ञात अपराधियों ने बीच सड़क पर पिता-पुत्र (Father and Son) को गोलियों से भून डाला। पिता की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना बिहार के सहरसा जिले के बसनही थाना क्षेत्र अंतर्गत मोतिबरी गांव के निकट हुई है। घटना के कारण फिलहाल ज्ञात नहीं हैं। पुलिस इसके अनुसंधान में जुट गई है।

बाजार से घर लौटेते वक्‍त हुई वारदात

मिली जानकारी के मुताबिक पिता-पुत्र शनिवार को मधेपुरा (Madhepura) स्थित अपने घर से महुआ बाजार (Mahua Bazar) गए थे। लौटने के वक्‍त देर रात पहले से घात लगाए अपराधियों ने उनपर अंधाधुंध गोलीबारी (Indiscriminate Firing) की। पिता की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में बेटा रमेश मंडल ने भी अस्‍पताल (Hospital) में दम तोड़ दिया।

मृतक पिता-पुत्र थे मधेपुरा के निवासी

मृतक पिता-पुत्र मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित ललिया गांव के रहने वाले थे। अपराधी कौन थे तथा घटना का क्‍या कारण था, इसका खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है। पुलिस छानबीन में जुट गई है।

पुलिस व्‍यवस्‍था पर सवाल उठा रहे लोग

विदित हो कि बिहार में बीते कुछ दिनों के दौरान कई बड़े अपराध चर्चा में रहे हैं। इनमें कई हत्‍याएं (Murders) भी शामिल हैं। सहरसा में डबल मर्डर इसी की ताजा कड़ी है। इससे स्‍थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोग पुलिस व्‍यवस्‍था पर सवाल उठा रहे हैं।

बेखौफ अपराध को अंजाम दे रहे अपराधी

स्‍थानीय निवासियों ने बताया कि पुलिस अपराध को लेकर लापरवाह बनी हुई है। इससे अपराधियों के मन से कानून का भय (Fear of Law) समाप्‍त हो गया है। वे बेखौफ अपराध को अंजाम देकर चले जाते हैं। इस कारण आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। लोगाें को अपने जान-माल का डर हमेशा लगा रहता है।