जागरण संवाददाता, पूर्णिया। बिहार राजनीति : बिहार में आज भी सुशासन की सरकार है और सुशासन का कारवां आगे बढ़ता रहेगा।महागठबंधन की सरकार का भी मुख्य एजेंडा न्याय के साथ विकास है, इसमें किसी प्रकार का समझौता मान्य नही होगा। नीतीश जी ने जो भी निर्णय लिया है, पार्टी उनके साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। किसी को भी यह संदेह नही होना चाहिए कि नीतीश कुमार जी पीएम मेटेरियल थे, आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे। नीतीश कुमार प्रधानमंत्री भी बनेंगे। अनर्गल प्रलाप करने वालों को समर 2024 में इस बात का एहसास हो जाएगा। उक्त बातें सांसद संतोष कुशवाहा ने बयान जारी कर कही है।

सांसद ने कहा कि पीठ में खंजर भोंकने की मंशा रखने वालों को समझने की जरूरत है कि यह महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश नही बिहार है। हम तोड़-फोड़ की राजनीति में यकीं नही रखते हैं, लेकिन चाणक्य नीति हमारी विरासत रही है। नीतीश जी ने राष्ट्र और राज्य हित मे निर्णय लिया है जो पूरी तरह समसामयिक है। बहरहाल, सबसे बड़ी चुनौती संविधान और देश बचाने की है। देश कई आंतरिक और बाहरी संकटों के साथ-साथ महंगाई और गरीबी की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में बिहार के साथ-साथ देश हित मे नीतीशजी की भूमिका बढ़ जाती है। संताोष कुशवाहा ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में बिहार ने हमेशा देश को नई दिशा दिया है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2022 में हो चुकी है और उसका परिणाम वर्ष 2024 और 2025 में साफ तौर पर दिखाई देगा।

नीतीश कुमार के फैसले से साम्प्रदायिक शक्ति कमजोर व समाजवाद मजबूत होगा

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी पूर्णिया जिला सचिव सह जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा साम्प्रदायिक शक्ति कमजोर होगा, इससे समाजवाद मजबूत होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के पर उन्हें बधाई दिया और कहा कि ये ऐतिहासिक फैसला समय रहते देश हित में अच्छा कदम है। उन्होंने कहा भारत छोड़ो आंदोलन के तर्ज पर भाजपा भगाओ आंदोलन की शुरुआत हो गई है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि देश के सबसे बड़े कद्दावर नेता नीतीश कुमार ने भाजपा-आरएसएस के विघटनकारी विचारधारा को अंततः नकारते हुए देश के संविधान एवं भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए बिहार एवं देश में सामाजिक न्याय एवं धर्मनिरपेक्षता के लड़ाई-लड़ने वाले एक मात्र नेता पूर्व मुख्यमंत्री राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के साथ पुन: आकर गरीबों,पिछड़ों, दलितों एवं अल्पसंख्यक समाज के लोगों के साथ- साथ किसान, परेशान शिक्षित बेरोजगार के हित की रक्षा किया है। जीप सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि भाजपा-आरएसएस के लोग देश में पिछड़े एवं दलितों के हितों की रक्षा करने वाली पार्टी के नेताओं को केंद्रीय एजेंसी का भय दिखाकर अपमानित कर समाप्त करना चाहती है।

जनता के द्वारा चुनी हुई सरकारों को केंद्रीय एजेंसी ईडी, सीबीआई, आईटी का दुरुपयोग कर सत्ता को हड़पने की साजिश को नीतीश कुमार ने करारा झटका दिया है । उन्होंने कहा कि आने वाले 2024 के लोक सभा चुनाव में समाजवादी नेता नीतीश जी के नेतृत्व में ही संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोहियावादी एवं अम्बेडकरवादी शक्तियों को एकजुट होकर आर एस एस के देश को तोड़ने एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंदू राष्ट्र के नाम पर पिछड़ों दलितों के अधिकारों को समाप्त कर रोजी-रोजगार एवं निजीकरण के नाम पर संवैधानिक आरक्षण को निष्प्रभावित करने की साजिश बताया। अब समय आ गया है लोक दल, जनता दल परिवार से निकले सभी धर्मनिरपेक्ष दल एवं वाम दल मिलकर फासिष्टवादी ताकतों को देश में नस्त नाबूद करने के लिए एवं जाति जनगणना अग्नि वीर-अग्निपथ योजना, किसान पुत्र को सेना भर्ती से बेदखल करने, किसानों के खिलाफ कानून को रद्द करने जैसे मामले को लेकर जन आंदोलन की आवश्यकता बताया।

Edited By: Dilip Kumar Shukla