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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: अब रामविलास के नाम से जाने जाएंगे च‍िराग पासवान, उड़ाएंगे हेलीकाप्‍टर

By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
Published: Tue, 05 Oct 2021 12:47 PM (IST)

Bihar Politics च‍िराग पासवान के लिए अच्‍छी खबर यह है कि उनकी पार्टी को रामविलास नाम मिल गया है। वे ...और पढ़ें

च‍िराग पासवान को मिला अपने प‍िता राम‍व‍िलास का नाम।
च‍िराग पासवान को मिला अपने प‍िता राम‍व‍िलास का नाम।

आनलाइन डेस्‍क, भागलपुर। Bihar Politics: जमुई के सांसद चिराग पासवान को रामविलास का नाम मिल गया है। लोक जनशक्ति पार्टी में विभाजन हो गया है। अब चिराग पासवान की पार्टी ब‍िहार में दो सीटों पर हो रहे विधानसभा उपुचनाव में चुनाव लड़ सकती है। मुंगेर जिले के तारापुर सीट पर उनकी नजर है। वहां से वे प्रत्‍याशी उतार सकते हैं। यह सीट जमुई लोकसभा के अंतर्गत आता है। और जमुई के सांसद चिराग पासवान हैं। 

आज लोजपा में विभाजन हो गया है। औपचारिक तौर पर चुनाव आयोग ने इसकी मान्‍यता दे दी। चिराग पासवान और पशुपति पारस दोनों की पार्टी अब अस्‍त‍ित्‍व में आ गई है। लेकिन लोजपा नाम किसी को नहीं मिला है। नया चुनाव चिह्न भी मिल गया है। च‍िराग और पशुपति से बंगला और लोजपा छीन लिया गया है।

बंगला चुनाव चिह्न का इस्‍तेमाल दोनों में से अब कोई नहीं कर पाएंगे। लोजपा के विभाजन के बाद दो पार्टियां अस्तित्‍व में आ गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्‍ट्रीय लोक जनशक्‍त‍ि पार्टी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का नेतृत्‍व चिराग पासवान करेंगे। जबकि राष्‍ट्रीय लोक जनशक्‍त‍ि पार्टी का नेतृत्‍व पशुपति पारस। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का चुनाव चिह्न हेलीकाप्‍टर है। राष्‍ट्रीय लोक जनशक्‍त‍ि पार्टी को सिलाई मशीन चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया गया है।

चिराग पासवान ब‍िहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर आलोचना करते हैं। ब‍िहार के विकास नहीं होने का आरोप लगातार वे लगा रहे हैं। साथ ही लोजपा को तोड़ने का आरोप वे जदयू पर लगाते हैं। भारतीय जनता पार्टी खासकर नरेंद्र मोदी की कभी भी वे आलोचना नहीं करते। वर्ष 2020 में हुए ब‍िहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने जदयू के खिलाफ अपना प्रत्‍याशी हरेक विधानसभा क्षेत्रों में उतारा था। इस कारण जदयू के कई प्रत्‍याशी चुनाव हार गए थे। कहा जा रहा है कि चिराग पासवान उपचुनाव में भी अपना प्रत्‍याशी दोनों जगहों से उतारेंगे। क्‍योंकि एनडीए की ओर से दोनों सीट पर जदयू के उम्‍मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि पशुपति पारस एनडीए का हिस्‍सा हैं। केंद्र में मंत्री भी हैं।