Patna High Court: पटना हाई कोर्ट ने दिया ऐसा फैसला... कि खिलखिलाने लगे हजारों बच्चे; जानें, आखिर क्या है पूरा मामला
Patna High Court पटना हाई कोर्ट ने बच्चों के खेल मैदान पर बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर रोक लगाने का आदेश दिया है। भागलपुर के बिहपुर में उच्च माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर रत्ती के खेल मैदान पर नियम के विरुद्ध पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा था।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur News Today उच्च माध्यमिक विद्यालय जयरामपुर धर्मपुर रत्ती की जमीन पर बन रहे पंचायत सरकार भवन के निर्माण हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सत्यव्रत वर्मा की अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जब तक याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक विवादित जमीन पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण नहीं किया जाएगा। स्कूल की जमीन पर बिना स्कूल से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिए निर्माण कार्य शुरू किया था।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा भी इसे तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद भी काम लगातार जारी था। इसके बाद स्कूल की जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर त्रिभुवन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि विवादित भूमि उनके दादा द्वारा स्कूल के लिए दान की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि स्कूल स्थापित होने के बाद बची हुई भूमि का उपयोग छात्र खेल मैदान के रूप में करते थे। लेकिन अब उसी जमीन पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। साथ ही कोर्ट में जो कागजात प्रस्तुत किए गए उससे यह स्पष्ट हुआ कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर ने 17 को जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र भेज कर यह जानकारी दी थी कि जिस ज़मीन पर पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है, वह स्कूल के खेल मैदान के रूप में उपयोग हो रही थी। इसके बावजूद, बिना स्कूल की अनापत्ति प्रमाण-पत्र के ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं इस मामले को लेकर कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
शिक्षा मंत्री ने भी निर्माण कार्य रोकने का दिया था निर्देश
बिहपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय जयरामपुर धर्मपुर रत्ती की जमीन पर बन पंचायत भवन निर्माण कराया जा रहा था। वहां के प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा इसकी सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी गई। इसके बाद जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि विद्यालय द्वारा पंचायत सरकार भवन बनाने को लेकर कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया है, ना ही विभाग द्वारा बनाने की अनुमति दी गई है।
इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि निर्माण कार्य होने से विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं का खेल मैदान प्रभावित हो रहा है। इसलिए बिहार के शिक्षा मंत्री और बिहार अप्त सचिव के द्वारा दूरभाष पर दिए गए निर्देशानुसार छात्र हित में ध्यान रखते हुए पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दिया जाए। इसके बावजूद भी काम चलता रहा, जिसके बाद याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
जिले के 1366 स्कूलों में खेल मैदान नहीं
एक तरफ विभाग स्कूलों में खेल प्रतियोगिता का आयोजन करवाता है। दूसरी तरफ विभाग के आपसी सामंजस्य नहीं रहने के कारण स्कूली मैदान पर पंचायत सरकार भवन बन जाते हैं। जिला शिक्षा विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 1366 स्कूलों में खेल मैदान है ही नहीं। जब खेल मैदान नहीं है तो बच्चे स्वाभाविक है। खेल प्रतियोगिता में कैसे हिस्सा लेंगे। ऐसे में बच्चों को आसपास के दूसरे स्कूलों पर निर्भर रहना होता है।शिक्षा विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक जिले के सिर्फ 589 स्कूलों में ही खेल के मैदान है।
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