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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह के गढ़ में बची ‘पंजे’ की लाज, राजीव की रणनीति के सामने फेल हो गए रजनीश

By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
Published: Fri, 08 Apr 2022 05:49 PM (IST)

Bihar MLC Election result 2022 बिहार में विधान परिषद चुनाव का परिणाम आ गया है। बेगूसराय-खगडिय़ा निकाय चुनाव से कांग्रेस ...और पढ़ें

Bihar MLC Election result 2022: रजनीश कुमार, गिरिराज सिंह और राजीव कुमार।
Bihar MLC Election result 2022: रजनीश कुमार, गिरिराज सिंह और राजीव कुमार।

ऑनलाइन डेस्‍क, भागलपुर। Bihar MLC Election result 2022: बेगूसराय-खगड़िया निकाय चुनाव (विधान परिषद) का परिणाम आ गया। भाजपा के लिए यहां का परिणाम शॉकिंग भरा है। बेगूसराय लोकसभा सीट के सांसद भाजपा के कद्दावार नेता और केंद्रीय मंत्री गिर‍िराज सिंह हैं। इसके बावजूद बेगूसराय-खगड़िया निकाय चुनाव का परिणाम कांग्रेस के पक्ष में चला गया। कांग्रेस प्रत्‍याशी राजीव कुमार ने निवर्तमान एमएलसी और भाजपा प्रत्याशी रजनीश कुमार को हरा दिया है। इस सीट से 10 प्रत्‍याशी चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव के पूर्व तक सबको उम्‍मीद था कि रजनीश कुमार यह सीट बचा लेंगे। यहां तक कि भाजपा के विपक्षी दल भी इस बात को मन ही मन स्‍वीकार्य कर लिए थे। लेकिन मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में ज्‍यादा वोट कर दिया। चुनाव परिणाम सामने आने के साथ ही भाजपा को यहां बड़ा झटका लगा है। भाजपा के इस गढ़ पर 12 वर्ष के बाद कांग्रेस का पंजा चमक उठा।

राजीव कुमार पूर्व मंत्री रामानंद प्रसाद सिंह उर्फ आरएन सिंह के बड़े पुत्र हैं। वे परबत्ता से जदयू विधायक डा. संजीव कुमार के बड़े भाई हैं। राजीव कुमार कानून के जानकार हैं। पटना उच्च न्यायालय के वकील हैं। उनका जन्म 17 फरवरी 1968 को हुआ। दार्जिल‍िंग के माउंट हरमन स्कूल से राजीव ने मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई दी थी। दोनों परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास किया। इसके बाद दिल्ली विश्‍वविद्यालय के रामजस कालेज से स्नातक किया है। वे एक सफल व्यवसायी भी हैं। झारखंड के रांची में इनका अपना व्यवसाय भी है। उनकी पत्‍नी पत्नी वीणा कुमारी हैं। वीणा ने स्‍नातक तक की पढ़ाई की है। डा. निखिल कुमार और अमन कुमार उनके दो पुत्र हैं।

इनके पिता आरएन सिंह परबत्ता विधानसभा से पांच बार विधायक रहे। वे बिहार के मंत्री भी रहे हैं। अंग क्षेत्र की राजनीति में आरएन सिंह बड़ा नाम हैं। राजीव कुमार ने अपनी जीत का श्रेय अपने पिता आरएन सिंह और छोटे भाई डा. संजीव कुमार को दिया है।

यहां बता दें कि इसके पूर्व के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के डा. संजीव कुमार और भाजपा के रजनीश कुमार के बीच मुकाबला हुआ था। डा. संजीव को हार का सामना करना पड़ा था और रजनीश कुमार विजयी हुए थे। लेकिन इस बार राजीव कुमार ने जीत दर्ज कर अपने छोटे भाई की हार का बदला ले लिया है।