बिहार बाढ़ समाचार: भागलपुर बाढ़ हुई विकराल, इंजीनियरिंग कॉलेज पर मंडराया खतरा
कुलपति आवास और ट्रिपल आइआइटी परिसर तक पहुंचा बाढ़ का पानी। पानी का दबाव बढऩे से सबौर के घोषपुर के पास एनएच-80 पर हो रहा है कटाव। एसएसपी निताशा गुडिय़ा ने किया कटाव क्षेत्र का निरीक्षण। 91 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर कहलगांव में बह रही है गंगा।

जाटी, भागलपुर/कहलगांव। गंगा का जलस्तर लगातार बढऩे से बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। टीएमबीयू कुलपति आवास और ट्रिपल आइआइटी परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। पानी का दबाव बढऩे से सबौर के घोषपुर के पास एनएच-80 पर कटाव हो रहा है। प्रशासन ने सड़क मार्ग बंद कर वहां बैनर लगा दिया है। स्थिति का जायजा लेने बुधवार को एसएसपी निताशा गुडिय़ा वहां पहुंचीं और बचाव कार्य का जायजा लिया। उधर, सबौर प्रखंड मुख्यालय में तकरीबन पांच सौ लोग अपने पशुओं और स्वजनों के साथ पहुंच गए हैं। कहलगांव के हालात सबसे अधिक बुरे हैं। यहां गंगा खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
सबौर के लोग कर हरे त्राहिमाम
सबौर का रजंदीपुर, बाबुपुर, संतनगर, घोषपुर, फरका, इंगलिश, मसाढु, शंकरपुर, अठगामा आदि गावों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। दक्षिणी क्षेत्र कुरपट, बैजलपुर, लैलख, बैजनाथपुर, अलंग आदि गावों के लोग नाव की मांग कर रहे हैं। प्रमुख अभय कुमार, उपप्रमुख बहुरन मंडल ने कहा कि बाढ़ आपदा की इस घड़ी में प्रशासनिक सहयोग तो दूर सीओ मोबाइल तक रिसीव नहीं कर रहे हैं।
ट्रिपल आइटी में बह रही गंगा
इंजीनियरिंग कालेज और ट्रिपल आइटी में गंगा की तीव्र जलधारा बह रही है। चार-पांच फीट से ज्यादा पानी कार्यालयों और छात्रावास के सामने बह रहा है। हालात इतने बुरे हैं कि ट्रिपल आइटी ने सबौर सीओ को पत्र लिखकर परिसर में नाव चलाने की मांग की है।
चलंत शौचालय की मांग
नगर पंचायत सबौर के 10 नंबर वार्ड में एनएच से मुहल्ला जाने वाले पथ में पांच फीट पानी बह रहा है। हरिजन टोला और मुस्लिम टोला के लोग चारो ओर से घिर जाने के कारण चलंत शौचालय की मांग कर रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित टपुआ में रह रहकर हो रहा कटाव
कहलगांव में गुरुवार रात तक गंगा के 18 सेंटीमीटर और बढऩे की उम्मीद है। गंगा के साथ-साथ कुआ, भयना, गेरुआ, घोघा नदी भी उफान पर है। नए इलाकों में तेजी से पानी फैलते जा रहा है। कई ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो गई हैं। आधा दर्जन गांव टापू बन चुका है। जलमग्न हो चुके तोफिल, अनठावन, कुट्टी टोला, टपुआ की स्थिति बदतर बनी हुई है। बाढ़ पीडि़त भूंजा, सत्तू, खाकर रह रहे हैं। टपुआ में रह रहकर कटाव हो रहा है। गजाधर मंडल घर के निकट कटाव हुआ है। अनुमंडल पदाधिकारी सुजय कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त गांवों में सामुदायिक किचन शुरू किया जाएगा। बाढ़ प्रभावित सुबोध यादव, अवनीश कुमार, सुरेश यादव, महेश्वर साह ने एसडीओ को आवेदन देकर सामुदायिक किचन शुरू करने, चिकित्सा शिविर, मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था एवं बाढ़ से हुई फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
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