भागलपुर, जेएनएन। श्रीमद्भागवत कथा में भारतीय धर्म और संस्कृति का समावेश है। श्रद्धालु श्रोताओं को भागवत कथा प्रथम दिन से ही सुनने की जरूरत है। आवश्यकता सिर्फ इस बात की है कि कथा प्रागंण में आने के पूर्व अपने आचरण को पूरी तरह पवित्र बना लें। शुद्ध मन से कथा का श्रवण करें मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

उक्त बातें गोशाला में आयोजित भागवत कथा के पहले दिन वृंदावन से पधारी कृष्ण प्रिया जी महाराज ने कही। सात दिवसीय कथा का आयोजन जगदगुरु सेवा समिति की ओर से किया जा रहा है। कृष्ण प्रिया जी महाराज ने कहा कि धर्म के साथ समाज सेवा का दायित्व हर किसी के लिए परम आवश्यक है।

कथा का प्रथम दिन मानव जीवन के उद्धार की प्रथम सीढ़ी है। जिस प्रकार किसी भवन की नींव रखी जाती है फिर उस पर अट्टालिकाएं खड़ी होती है। उसी प्रकार प्रथम दिन भागवत में भगवान की महत्ता का वर्णन किया जाता है। इसके बाद भगवान कृष्ण की भक्ति का विस्तार से वर्णन होता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के नामों में बिहार का बिहारी शब्द जुड़ा हुआ है। जैसे श्याम बिहारी, कुंज बिहारी और अवध बिहारी आदि।

अपनी कथा में वेदों की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान का दिया हुआ ज्ञान ही वेद है। वेदों में वर्णित बातों की व्याख्या नहीं की जा सकती। वेदों में वर्णित एक एक शब्द के कई अर्थ होते हैं। जीवन में कथा की सार्थकता तभी है जब इसे हम अपने जीवन में धारण कर निरंतर स्मरण करते है।

दीप प्रज्वलन के साथ कथा मंच का हुआ उद्घाटन

इसके पूर्व समारोह का उद्घाटन कथावाचिका कृष्ण प्रिया जी महाराज, जगदगुरु सेवा समिति के अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया, गोशाला प्रबंध कमेटी के महामंत्री गिरधारी केजरीवाल, चेंबर अध्यक्ष अशोक भिवानीवाला, रामगोपाल पोद्दार, डॉ. केडी प्रभात, डॉ. शंभुदयाल खेतान, लक्ष्मी नारायण डोकानियां आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर ओमप्रकाश कानोडिया, चांद झुनझुनवाला, विनोद अग्रवाल, गोपाल खेतड़ीवाल, प्रकाश चन्द्र गुप्ता, आशीष सर्राफ, रोहित बाजोरिया, अरुण झुनझुनवाला सहित उपस्थित थे।

नगर भ्रमण को निकाली गई कलश शोभायात्रा

श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व जन जागरण के लिए गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण को कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा मंदरोजा स्थित खाटू श्याम मंदिर से कोतवाली चौक, स्टेशन चौक, सूजागंज बाजार, वेरायटी चौक, खलीफाबाग होते हुए गोशाला पहुंची। शोभायात्रा की अगुवाई रथ पर सवार कथावाचिका कृष्ण प्रिया जी महाराज कर रही थी। शोभायात्रा में शामिल महिलाओं व अन्य भक्तों का लोगों ने जगह-जगह फूल की बारिश कर और आरती उतार कर स्वागत किया। भक्तजन नाचते-थिरकते गोशाला प्रागंण पहुंचे।

Posted By: Dilip Shukla

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